नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन से फोन पर बात की है। उन्होंने उनके साथ यूक्रेन में शांति स्थापित करने के लेकर बात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस युद्ध का शांति से समाधान निकालने का समर्थन करते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ भी यूक्रेन में शांति स्थापित करने को लेकर बात की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर किया पोस्ट
उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान किया और यूक्रेन की हालिया यात्रा से प्राप्त अंतर्दृष्टि को साझा किया। संघर्ष के शीघ्र, स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन करने के लिए भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।”
हाल ही में पोलैंड की यात्रा से लौटे हैं प्रधानमंत्री
दरअसल प्रधानमंत्री हाल ही में पोलैंड और यूक्रेन का दौरा करके लौटे हैं। इस दौरान उन्होंने पोलैंड में भारतीय समुदाय से बात की और यूक्रेन में राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात की।
जेलेंस्की ने भारत से मांगा है समर्थन
जेलेंस्की ने भारत से समर्थन मांगा है। उन्होंने भारत के बारे में कहा, “मैंने आपके बड़े और महान देश के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है। यह बहुत दिलचस्प है, और मुझे आपके देश की बहुत जरूरत है।” उन्होंने यह भी कहा कि उनकी भारत यात्रा यूक्रेन की स्थिति पर निर्भर करेगी।
इससे पहले मोदी कर चुके हैं रूस की यात्रा
इससे पहले पुतिन से मुलाकात करने मोदी रूस गए थे। इस दौरान दोनों के बीच यूक्रेन जंग में रूस की तरफ से लड़ रहे भारतीयों को स्वदेश वापसी का मुद्दा उठाया। जिसपर पुतिन ने सभी भारतीयों की सुरक्षित वापसी की सहमति दी थी।
जो बाइडन से भी की बात
प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से भी फोन पर बात की है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी एक्स पर जो बाइडन से बातचीत को लेकर एक पोस्ट में लिखा कि आज उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन से फोन पर बात की। इस दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बात हुई। हम दोनों के बीच यूक्रेन को लेकर भी बात हुई। इस दौरान मोदी ने शांति और स्थिरता स्थापित करने के लिए पूरा सहयोग करने की बात को दोहराया। मोदी ने कहा कि दोनों के बीच बांग्लादेश की स्थिति पर चर्चा की और सामान्य स्थिति की बहाली और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों विशेष रूप से हिंदुओं का सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।




