नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। यह भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनने वाली 10 नई सरकारी इमारतों में से पहली है। इसका मकसद केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को एक ही जगह लाकर प्रशासन को अधिक कुशल और व्यवस्थित बनाना है।
कौन-कौन से मंत्रालय होंगे यहां शिफ्ट?
कर्तव्य भवन-3 में ये मंत्रालय और विभाग शिफ्ट होंगे गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय एमएसएमई मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT), पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय ये मंत्रालय अभी तक शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन और उद्योग भवन जैसी पुरानी इमारतों में थे, जिनकी हालत अब जर्जर हो चुकी है।
कर्तव्य भवन-3 की क्या खासियत है?
1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल 2 बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर समेत कुल 10 मंज़िल 600 गाड़ियों के लिए पार्किंग, 24 बड़े और 26 छोटे कॉन्फ्रेंस रूम्स स्मार्ट एंट्री, आईटी-सक्षम कार्यस्थल, कमांड सेंटर तकनीक ग्रीन सुविधाएं के लिए सोलर पैनल, सौर वॉटर हीटर, ई-वाहन चार्जिंग, ठोस कचरा प्रबंधन 30% कम बिजली खपत, LED लाइट्स, स्मार्ट लिफ्ट, सेंसर आधारित लाइटें नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में जो मंत्रालय अभी तक मौजूद थे, वे सभी धीरे-धीरे कर्तव्य भवनों में शिफ्ट हो जाएंगे। इसके बाद इन दोनों ऐतिहासिक इमारतों को खाली कर ‘युगे युगीन भारत म्यूजियम’ में बदला जाएगा। इस म्यूजियम में महाभारत काल से लेकर आधुनिक भारत तक का इतिहास, संस्कृति और कला को प्रदर्शित किया जाएगा, बिना किसी संरचनात्मक बदलाव के।
बाकी कर्तव्य भवन कब तक बनकर तैयार होंगे?
कर्तव्य भवन-1 और 2: सितंबर 2025 तक बनकर तैयार हो जाएंगे शेष 7 भवन अप्रैल 2027 तक पूरे होंगे। शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बताया कि पुराने भवन जैसे शास्त्री भवन, निर्माण भवन, आदि 1950-70 के दशक में बने थे। इनकी मरम्मत और रखरखाव बहुत महंगा हो गया था। इसलिए नई, सुरक्षित, तकनीकी रूप से उन्नत और ऊर्जा-कुशल इमारतों की जरूरत महसूस हुई। कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन केवल एक इमारत का लोकार्पण नहीं, बल्कि नए भारत की नई प्रशासनिक पहचान की शुरुआत है। ये बदलाव सिर्फ इमारतों का नहीं, बल्कि सुनियोजित और डिजिटल युग की गवर्नेंस का प्रतीक बन रहा है।




