नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन के आवास पर आयोजित पोंगल उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने गौ सेवा भी की और भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और किसानों के योगदान पर जोर दिया।
PM मोदी ने दी शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल का पर्व हमें यह सिखाता है कि प्रकृति के प्रति आभार केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, “जब धरती हमें इतना कुछ देती है, तो उसे संजोना और अगली पीढ़ी के लिए सुरक्षित रखना हमारा कर्तव्य है। मिट्टी को स्वस्थ रखना, पानी बचाना और संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले देशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं भी दीं। अपने संदेश में उन्होंने लिखा कि संक्रांति का पर्व देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। उन्होंने सूर्य देव से सभी के सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
हमारे किसान राष्ट्र निर्माण के मजबूत साथी
पीएम मोदी ने किसानों की भूमिका की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “हमारे किसान राष्ट्र निर्माण के मजबूत साथी हैं। उनके प्रयासों से आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती मिल रही है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रधानमंत्री ने तमिल संस्कृति की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि तमिल संस्कृति केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता की साझा विरासत है। पोंगल पर्व तमिल जीवन में खुशी, अन्नदाता की मेहनत और धरती व सूर्य के प्रति आभार का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाना सिखाता है। इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू जैसे त्योहार भी उत्साह के साथ मनाए जा रहे हैं। अंत में पीएम मोदी ने भारत और दुनियाभर में रहने वाले सभी तमिल भाई-बहनों को पोंगल और अन्य त्योहारों की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुखद जीवन की कामना की।





