तिरुवनंतपुरम, 10 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के सबसे शक्तिशाली आईएएस अधिकारियों में से एक, एम. शिवशंकर, जो मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के प्रमुख सचिव थे, उनका निलंबन बढ़ा दिया गया है। अब कुख्यात सोने की तस्करी मामले में मुख्य आरोपी के साथ उसके कथित संबंध सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पिछले साल 17 जुलाई को नौकरशाह को निलंबित कर दिया था। उनके निलंबन के तुरंत बाद, एनआईए, सीमा शुल्क और प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कई दौर की पूछताछ के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। जमानत मिलने से पहले कई महीनों तक शिवशंकर कोच्चि जेल में अपनी एड़ी को ठंडा कर रहे थे। वह अब राज्य की राजधानी में अपने आवास पर ठहरे हुए हैं। नियमों के अनुसार, राज्य सरकार को शिवशंकर के निलंबन को रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा, क्योंकि निर्णय लिए हुए एक वर्ष हो गया है। निलंबन को बढ़ाने के बाद राज्य सरकार ने केंद्र को अपने फैसले से अवगत कराया। सीमा शुल्क अधिकारियों ने पी.एस. यूएई वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व कर्मचारी सरित ने पिछले साल 5 जुलाई को एक राजनयिक बैग में सोने की तस्करी के आरोप में वाणिज्य दूतावास भेजा था। एक अन्य पूर्व वाणिज्य दूतावास कर्मचारी, स्वप्ना सुरेश और उनके सहयोगी संदीप नायर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया था। मुख्यमंत्री विजयन ने पहले शिवशंकर को अपने प्रधान सचिव और फिर आईटी सचिव के पद से हटा दिया, जब यह सामने आया कि स्वप्ना और शिवशंकर करीबी दोस्त थे। सोने की तस्करी के मामले में आरोपियों को लाइफ मिशन प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार से भी जोड़ा गया है, जो कि प्रायोजन के पैसे का इस्तेमाल करके घर बनवाने की विजयन की योजना है। आरोप है कि 20 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत में से 9 करोड़ रुपये की मोटी रकम का भुगतान अवैध कमीशन के रूप में किया गया था। –आईएएनएस एचके/एएनएम




