नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। BPSC 70वीं प्रीलिम्स परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन लागू करने के विरोध 6 दिसंबर 2024 को अभ्यर्थियों ने बिहार की राजधानी पटना में जमकर प्रदर्शन किया। भारी तादात में अभ्यर्थी BPSC कार्यालय के बाहर पहुंचे थे। जिसके बाद बिहार पुलिस को अतिरिक्त पुलिस बल को वहां बुलाना पड़ा। पुलिस ने अभ्यर्थियों को बहुत समझाने की कोशिश की, लेकिन वे विरोध प्रदेर्शन में अड़े रहे, जिसके बाद बिहार पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, BPSC ने नॉर्मलाइजेशन लागू करने की बात से मना कर दिया है। हालांकि BPSC ने इसको लेकर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है। लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि BPSC इसको लेकर आधिकारिक रूप से बयान जारी करे और सारे संशय से पर्दा उठाए।
“हम प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से 5 अभ्यर्थियों का नाम मांग रहे हैं”
BPSC कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंची DSP अनु कुमारी ने मीडिया को जानकारी दी कि जिस तरह से अभ्यर्थी प्रदर्शन कर रहे हैं, ये पूरी तरह से अवैध है। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के पास किसी भी तरह की कोई अनुमति नही है। इन्होने सड़क पर जाम लगा रखा है। ये सब अवैध है। हम प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों से 5 अभ्यर्थियों का नाम मांग रहे हैं, जिनको हम BPSC प्रतिनिधि मंडल से बात करने के लिए ले जाएंगे।
BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को होगी, इस परीक्षा में 5 लाख के करीब उम्मीदवार शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए बिहार में 925 केंद्र बनाए गए हैं।
क्यों हो रहा है नॉर्मलाइजेशन का विरोध
दरअसल नॉर्मलाइजेशन एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमे एक से ज्यादा पाली में परीक्षा होती है। जिसमे एक ही प्रतियोगी परीक्षा के लिए हर पाली में अलग-अलग प्रश्न पत्र आते हैं। जिसको लेकर BPSC की तैयारी कर रहे छात्रों का कहना है कि किसी पाली में आसान तो किसी दूसरी पाली में कठिन प्रश्न पत्र आ सकता है, जिससे उनके अंको में फर्क पड़ सकता है। इसी का विरोध करने के लिए अभ्यर्थी BPSC कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे।





