back to top
24.1 C
New Delhi
Saturday, March 21, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का पाताल भुवनेश्वर गुफा भक्तों की आस्था का केंद्र

देहरादून, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। हमारी दुनिया बहुत बड़ी है, जहां तरह-तरह के अजीबो-गरीब रहस्य भरे पड़े हैं। कुछ को तो सुलझा लिया गया, लेकिन सैकड़ों रहस्य आज भी अनसुलझे हैं, जिन्हें सुलझाने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं निकल पाया। ऋषि-मुनियों और अवतारों की भूमि भारत एक रहस्यमय देश है। भारत में ऐसे कई स्थान हैं, जिनका आज भी रहस्य बरकरार है। वैसे तो दुनियाभर में ऐसी कई गुफाएं हैं, जो अपने आपमें अद्भुत रहस्य और अनोखी खासियत के लिए मशहूर हैं। आपने भी ऐसी कई रहस्मयी गुफाओं बारे में सुना होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी गुफा के बारे में बताने जा रहे हैं। दरअसल, उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा भक्तों की आस्था का केंद्र है। यह गुफा विशालकाय पहाड़ी के करीब 90 फीट अंदर है। यह गुफा उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल के प्रसिद्ध नगर अल्मोड़ा से शेराघाट होते हुए 160 किलोमीटर की दूरी तय कर पहाड़ी वादियों के बीच बसे सीमांत कस्बे गंगोलीहाट में स्थित है। पाताल भुवनेश्वर गुफा किसी आश्चर्य से कम नहीं है। बताया जाता है कि इस गुफा में मौजूद पत्थर से पता लगाया जा सकता है कि दुनिया का अंत कब होगा। इस गुफा की खोज भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त अयोध्या के राजा ऋतुपर्ण ने की थी। बताया जा रहा है कि इस गुफा के अंदर भगवान गणेश का कटा हुआ सिर रखा हुआ है और साथ ही दुनिया के अंत का भी रहस्य छुपा है। इस गुफा के अंदर जाने मे कई कठिनाई आती है। इस गुफा के अंदर जाने पर कई अन्य गुफा और मिलती हैं। इस गुफा के अंदर काफी अंधेरा है लेकिन अब लाइट की व्यवस्था कर दी गई है। इस गुफा के अंदर 180 सीढ़िया पार करने पर एक अलग ही नजारा दिखता है। गुफा के अंदर जाते ही एक कमरा मिलता है, जिसमें करीब 33 हजार देवी देवता की मूर्तियां हैं, यहां पर बहता पानी भी मिलता है। बताया जाता है कि इस गुफा में सबसे पहले भगवान गणेश की पूजी की जाती है। इस गुफा में बने 4 द्वारों को पापद्वार, रणद्वार, धर्मद्वार और मोक्ष के रूप में बनाया गया है। इस गुफा का पापद्वार रावण की मृत्यु के बाद और रणद्वार महाभारत के बाद बंद हो गया था, जबकि धर्मद्वार अभी भी खुला है। गुफा के अंदर जाने वाला रास्ता इतना सकरा है कि कभी-कभी लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। अंदर जाते समय आपको इसकी दीवारों पर एक हंस की आकृति भी दिखाई देगी। लोगों का मानना है की यह ब्रह्मा जी का हंस है। मंदिर के अंदर क्या है? यह गुफा 90 फीट नीचे है, जहां बेहद ही पतले रास्ते से होकर इस मंदिर तक प्रवेश किया जाता है। जब आप थोड़ा आगे चलेंगे तो आपको यहां की चट्टानों की कलाकृति हाथी जैसी दिखाई देगी। फिर से आपको चट्टानों की कलाकृति देखने को मिलेगी, जो नागों के राजा अधिशेष को दर्शाती हैं। ऐसा माना जाता है कि अधिशेष ने अपने सिर पर दुनिया का भार संभाला हुआ है। क्या है मंदिर की मान्यता? मान्यता है कि इस मंदिर में चार द्वार मौजूद हैं, जो रणद्वार, पापद्वार, धर्मद्वार और मोक्षद्वार के नाम से जाने जाते हैं। ऐसा कहा जाता है कि जब रावण की मृत्यु हुई थी तब पापद्वार बंद हो गया था। मंदिर में क्या है खास? यहां मौजूद गणेश मूर्ति को आदिगणेश कहा जाता है। इस गुफा में चार खंबे हैं, जो युगों – सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग तथा कलियुग को दर्शाते हैं। माना जाता है कि कलियुग का खंबा सबसे लंबा है। यहां एक शिवलिंग है जो लगातार बढ़ रहा है, ऐसी मान्यता है कि जब ये शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा, तब दुनिया खत्म हो जाएगी। यहां के स्थानीय लोगों की ऐसी मान्यता है कि गुफा में एक साथ केदारनाथ, बद्रीनाथ, अमरनाथ देखे जा सकते हैं। –आईएएनएस स्मिता/एसजीके

Advertisementspot_img

Also Read:

पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगवान बलभद्र के रथ के मोड़ पर अटकने से मची भगदड़, 600 से ज्यादा श्रद्धालु हुए घायल

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क।  महाप्रभु जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान इस साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचे। लेकिन रथ खींचने के दौरान अव्यवस्था...
spot_img

Latest Stories

Navratri में बना रही हैं साबूदाना की खिचड़ी, तब उपयोग करें इस रेसिपी का

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। नवरात्रि (Navaratri) के दौरान व्रत...

Salman khan की फिल्म मातृभूमि कब होगी रिलीज? सामने आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। सलमान खान (Salman khan) की...

मार्च के बदलते मौसम में बढ़ सकता है फ्लू का खतरा, बचाव के लिए करें ये काम

नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मार्च और अप्रैल के महीने...

Tata Punch को टक्कर देने आई नई Hyundai Exter Facelift, जानिए कीमत और फीचर्स

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। भारतीय कार बाजार में माइक्रो SUV...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵