नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । देश में इस वक्त संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है। सत्र के तीसरा दिन आज का काम सुबह 11 बजे से शुरू हुआ जरूर लेकिन विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा शुरू होने के कुछ मिनट बाद ही स्थगित कर देनी पड़ी । लोकसभा की कार्यवाही में सवाल-जवाब के दौरान विपक्ष ने मेरठ से बीजेपी सांसद अरुण गोविल तक को बोलने नहीं दिया। वे जैसे ही सवाल पूछने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस मौके पर स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों से व्यवस्था बनाए रखने की खूब अपील की। पहले विपक्ष का हंगामा जारी रहने पर स्पीकर ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
गोविल के सवाल पर अध्यक्ष ओम बिरला ने क्या कहा?
प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी सांसद अरुण गोविल ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्न पूछे, जिसका जवाब विभाग के मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिया। जब विपक्षी सदस्यों का हंगामा नहीं रुका तो लोस अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा भी कि गोविल जी पहली बार सवाल पूछ रहे हैं, इसलिए सदन की कार्यवाही जारी रहनी चाहिए, पर फिर भी हंगामा नहीं रुका और विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी जारी रही। फिर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रश्नकाल एक महत्वपूर्ण समय है, हर किसी का समय है। आपको प्रश्नकाल जारी रखना चाहिए, आपको हर मुद्दे पर चर्चा करने का मौका दिया जाएगा। आप योजनाबद्ध तरीके से गतिरोध पैदा करना चाहते हैं, यह ठीक नहीं है। वहीं आज सदन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में संविधान पर दो दिवसीय बहस की मांग की है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उच्च सदन में यही मांग की है। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व अटॉर्नी जनरल और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी के अडानी समूह पर लगाए गए आरोपों पर कहा था कि हम आज नियम 267 के तहत सवाल उठा रहे हैं, तब आपको बताएंगे।
उद्योगपति गौतम अडानी की गिरफ्तारी की मांग
इसके अलावा राहुल गांधी ने एक अमेरिकी रिपोर्ट में लगे आरोपों के आधार पर एक बार फिर उद्योगपति गौतम अडानी की गिरफ्तारी की मांग सदन में रखी। आज संसद परिसर में संवाददाताओं से बात करते हुए भी राहुल का कहना यही रहा कि गौतम अडानी को गिरफ्तार किया जाए, ऐसे कई लोग हैं जिन्हें मामूली आरोपों में गिरफ्तार किया गया है, जबकि अडानी पर कई संगीन आरोप लगे हैं। उन्होंने यह प्रश्न भी खड़ा किया कि क्या आपको लगता है कि अडानी अमेरिकी अदालत के आरोप को स्वीकार करेंगे? इसलिए भारत सरकार जल्द अडानी को गिरफ्तार करे और उनसे इस मामले में सख्ती से पूछताछ करे।




