back to top
31.1 C
New Delhi
Wednesday, April 1, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

अन्नाद्रमुक में शशिकला के दोबारा प्रवेश के मुद्दे को सुलझाने के लिए पनीरसेल्वम और पलानीस्वामी की बैठक जल्द

चेन्नई, 4 मार्च (आईएएनएस)। अन्नाद्रमुक के मुख्य समन्वयक ओ. पनीरसेल्वम और समन्वयक ई के. पलानीस्वामी पार्टी की पूर्व अंतरिम महासचिव वी.के.शशिकला के पार्टी में फिर से प्रवेश के मुद्दे का हल निकालने के लिए जल्द ही बैठक करेंगे। पार्टी की थेनी जिला समिति ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें कहा गया था कि शशिकला और उनके भतीजे और एएमएमके के अध्यक्ष टी.टी.वी. दिनाकरन को अन्नाद्रमुक में फिर से शामिल किया जाए। पन्नीरसेल्वम के फार्महाउस पर हुई बैठक की अध्यक्षता पार्टी के थेनी जिला सचिव सैयद खान ने की थी। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ओपीएस ने बैठक में कहा है कि अगर वे कोई प्रस्ताव लाते हैं तो वह इसे पार्टी आलाकमान के पास ले जाएंगे। पलानीस्वामी खेमा शशिकला के पार्टी में फिर से प्रवेश के विरोध में मुखर रहा है और डी. जयकुमार और सीवी षणमुगम सहित अनेक नेताओं ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की पूर्व सहयोगी के खिलाफ जमकर प्रहार किया था। पलानीस्वामी के करीबी नेताओं के एक समूह ने गुरुवार को कथित तौर पर पन्नीसेल्वम से थेनी के फार्महाउस पर मुलाकात की और जिला समिति में पारित किए गए उस प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा जिसमें पनीरसेल्वम भी मौजूद थे। बैठक की जानकारी रखने वाले पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि पन्नीरसेल्वम ने पलानीस्वामी को बताया है कि प्रस्ताव में उनकी कोई भूमिका नहीं थी और कार्यकर्ताओं के भारी दबाव के चलते यह अपनाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी जिला समिति को बताया गया था कि वह इस प्रस्ताव को पार्टी आलाकमान तक ले जाएंगे और उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जा सकता है। बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से टेलीफोन पर 30 मिनट से अधिक समय तक बात की और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए जल्द ही चेन्नई में मिलने का फैसला किया। गौरतलब है कि अन्नाद्रमुक को हाल के शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में बड़ी हार मिली है और दक्षिण तमिलनाडु में भी, जिसे आमतौर पर पार्टी गढ़ माना जाता है, यहां तक कि थेनी जिले में पन्नीरसेल्वम के क्षेत्र में भी पार्टी उम्मीदवारों को भारी हार का सामना करना पड़ा। शशिकला के भतीजे की एएमएमके पार्टी ने अन्नाद्रमुक के वोट बैंक में सेंध लगा दी थी, जिससे दक्षिण तमिलनाडु में उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। एक अन्य कारक जो शशिकला के पार्टी में फिर से प्रवेश के मामले को आगे बढ़ाता है, वह शक्तिशाली थेवर समुदाय का दबाव है जो दक्षिण तमिलनाडु के कई निर्वाचन क्षेत्रों में चुनावों के परिणाम तय कर सकता है। संयोग से पन्नीरसेल्वम और शशिकला दोनों ही थेवर समुदाय से हैं। –आईएएनएस जेके

Advertisementspot_img

Also Read:

चीन मुद्दे पर संसद में बरसे राहुल गांधी, लोकसभा सत्र हुआ स्थगित, जानें क्‍या बोले नेता प्रतिपक्ष?

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । आज संसद में चीन से जुड़े मामले को लेकर खासा हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता...
spot_img

Latest Stories

PNG Connections: Delhi में PNG कनेक्शन को बढ़ावा, सरकार का बड़ा प्लान; 4 लाख नए कनेक्शन लगाने के निर्देश

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। राजधानी दिल्ली में साफ और सस्ते...

West Bengal Elections 2026: Kanthi Uttar सीट पर किसका पलड़ा भारी? जानें पूरा राजनीतिक समीकरण

नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में...
⌵ ⌵ ⌵ ⌵ Next Story Follows ⌵ ⌵ ⌵ ⌵