नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में ट्रैकिंग गतिविधियों को अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। स्थानीय अधिकारियों ने पहले ही चंदनवाड़ी, अरु, बेताब घाटी और बैसरन घाटी सहित पहलगाम के ऊपरी इलाकों में पर्यटकों और ट्रेकर्स की आवाजाही रोक दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहलगाम के सभी ऊपरी इलाकों में किसी भी प्रकार की पर्यटक गतिविधि, ट्रैकिंग पर फिलहाल प्रतिबंध लगा दिया गया है।
आपको बता दें कि हर साल हजारों लोग ट्रैकिंग के लिए जम्मू-कश्मीर आते हैं। जिसके कारण इन क्षेत्रों में पर्यटकों की भारी आवाजाही हो जाती है और गर्मियों के मौसम में यहां भीड़ बढ़ जाती है, क्योंकि उस समय बर्फ पिघल जाती है और ट्रैकिंग मार्ग खुल जाते हैं। अब यह अचानक प्रतिबंध न केवल ट्रैकिंग के शौकीनों के लिए झटका है, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए भी चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर रहा है। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय गाइड, कुली, होमस्टे मालिक और दुकानदार जो मुख्य रूप से ट्रैकिंग सीजन पर निर्भर रहते हैं, उन्हें भी इस निर्णय के आर्थिक प्रभाव का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल, स्थिति सामान्य होने तक यह बंद रहेगा।
ट्रैकिंग परमिट फिलहाल निलंबित
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत एवं सुरक्षित क्षेत्रों में ही जाएं तथा स्थानीय प्राधिकारियों के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करें। ट्रैकिंग परमिट को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है तथा पहले से जारी परमिट को भी रद्द कर दिया गया है। आतंकवादी हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें से 2 विदेशी नागरिक थे। इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। आतंकवादियों की तलाश शुरू हो गई है। इस संबंध में तीन आतंकवादियों की पहचान कर ली गई है और उनके स्केच भी जारी कर दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त बढ़ा दी गई है तथा ड्रोन से निगरानी की जा रही है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक ट्रैकिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा।




