भोपाल, 28 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में सभी जिलों के लिए लगातार ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का कार्य रात-दिन जारी है। इसी के तहत बुधवार को भोपाल जिले में 93 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत हाने पर यहां अतिरिक्त 14 मीट्रिक टन के साथ कुल 107 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की गयी है। इनमें से 80 मीट्रिक टन बोकारो से, 10 मीट्रिक टन कर्जन से और 17 मीट्रिक टन लिण्डे भिलाई से आई। इंदौर में 113 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत के सापेक्ष 119.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की गयी है। इसमें से 88 मीट्रिक टन रिलायंस जामनगर, 6 कर्जन और 25.5 मीट्रिक टन लिण्डे भिलाई से पहुँची। इसी तरह जरूरत के आधार पर विदिशा में 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कर्जन से आई है। ग्वालियर में 43.7 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत के सापेक्ष 50 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की गई है। इनमें से 17 मीट्रिक टन बोकारो से, 18 मीट्रिक टन मोदीनगर से और 15 मीट्रिक टन भिलाई से आई। जबलपुर में 47 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत है, जबकि 53 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की गयी है। इसमें से 11 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बोकारो, 21.2 मीट्रिक टन आर.एस.पी और 20.68 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बी.एस.पी भिलाई से आई। प्रदेश में ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर जनसंपर्क अधिकारी दुर्गेश रायकवार का कहना है कि रीवा में 30 मीट्रिक टन की जरूरत के सापेक्ष 47 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित की गयी है। इसमें से 30 मीट्रिक टन बोकारो और 17 मीट्रिक टन लिंडे भिलाई से ऑक्सीजन पहुँची सागर में 30 मीट्रिक टन की जरूरत है, और 30 मीट्रिक टन आवंटित की गयी है। यहाँ पर 20 मीट्रिक टन वीएसपी भिलाई और 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बोकारो से आई। कटनी में छह मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत के सापेक्ष 15 मीट्रिक टन आवंटित की गयी है। इनमें से लिण्डे भिलाई से 10 और जेएसपीएल अंगुल से 5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन पहुँची। उन्होंने बताया कि शहडोल में 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन जेएसपीएल अंगुल, छिंदवाड़ा में 16.5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लिण्डे भिलाई से, रतलाम में 16 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रिलायंस जामनगर से दतिया में 5 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बोकारो से, खण्डवा में 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन कर्जन से, उज्जैन में 26 मीट्रिक टन ऑक्सीजन जामनगर से पहुँची। शिवपुरी में 4.5 मीट्रिक टन जी.एस.पी.एल अंगुल से, छतरपुर में 4.5 मीट्रिक टन जेएसपीएल अंगुल से, मंडीदीप में 10 मीट्रिक टन ऑक्सीजन लिण्डे भिलाई से और सतना में 6.2 मीट्रिक टन ऑक्सीजन जेएसपीएल अंगुल से लाई गई है । हिन्दुस्थान समाचार/ डॉ. मयंक चतुर्वेदी




