नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि EPFO अपने ही लोगों को उनके पैसों के निकासी में परेशान कर रहा है, जो आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गया है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि वे मेहनतकश नागरिक हैं, रेवड़ी के लाभार्थी नहीं। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए बताया कि मिडिल क्लास के पैसों से सरकार अपनी सब्सिडी चलाती है, जिससे आम लोगों को नुकसान हो रहा है। उनका यह बयान विवादों में रहा।
दरअसल, EPFO ने नए नियम लागू किए हैं, जिनसे खासकर बेरोजगारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब अकाउंट से पूरी राशि नहीं निकाली जा सकेगी। पहले 2 महीने बेरोजगार रहने पर पूरा पैसा मिलता था, लेकिन अब केवल 75% राशि ही निकाली जा सकती है, बाकी 12 महीने तक लॉक रहेगी।
सोशल मीडिया के जरिए की आलोचना
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया पर EPFO के नए नियमों की आलोचना की। उन्होंने कहा, “पैसा EPFO का नहीं, मेहनतकश नागरिकों का है, जिन्हें उनकी जमा पूंजी से वंचित किया जा रहा है। मिडिल क्लास के पैसों से सरकार को सब्सिडी दी जा रही है।”
असदुद्दीन ओवैसी बोले- ये चिंता का विषय
असदुद्दीन ओवैसी ने EPFO के नए नियम पर ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लोगों से रिप्लाई पढ़ने की अपील की। उन्होंने बताया कि, रोजाना कई लोग EPFO को टैग कर शिकायत करते हैं कि अपने ही पैसे निकालने में EPFO उन्हें काफी परेशान करता है, जो चिंता का विषय है।
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “25% रकम कुछ के लिए कम हो सकती है, लेकिन बेरोजगारों के लिए यह बच्चों की फीस या किराया भरने में जरूरी है। कठिन वक्त में लोग दशकों बाद की पेंशन या तीन साल बाद की निकासी का इंतजार कैसे करें, ये बड़ा सवाल है।”
EPFO ने बताएं नए नियम के लाभ
EPFO ने बताया कि, अब नौकरी छूटने पर EPF निकालने की अवधि 2 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई है। इसका उद्देश्य पेंशन पात्रता सुनिश्चित करना है, क्योंकि 10 साल लगातार नौकरी जरूरी है। नए नियमों से लाभार्थी आसानी से पेंशन के पात्र बन सकेंगे।





