नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। जम्मू- कश्मीर के कटरा कस्बे में 25 नवंबर 2024 को काफी तनावपूर्ण स्थिति हो गई। दरअसल, प्रदर्शनकारी त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ पिछले 3 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन आज उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान पथराव किया और सुरक्षा बलों के साथ झड़प भी की। मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर भी पथराव किया और CRPF के एक वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है।
रियासी के SSP परमवीर सिंह ने जानकारी दी
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, रियासी के SSP परमवीर सिंह ने इस मामले में जानकारी दी है कि 22 नवंबर 2024 से विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था। लेकिन आज 25 नवंबर 2024 को कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों पर पथराव कर दिया। हम स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
रोपवे परियोजना से हम बेरोजगार हो जाएंगे: प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों की शिकायत है कि इस परियोजना से पर्यावरण और उनकी आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा। स्थानीय लोगों का दावा है कि रोपवे परियोजना से वे लोग बेरोजगार हो जाएंगे। उनका कहना है कि किसी भी अधिकारी ने इसको लेकर उनसे कोई परामर्श नहीं किया और परियोजना को आगे बढ़ाने का काम शुरू कर दिया।
बुजुर्गों और दिव्यांगों को यात्रा जारी रखने में कठिनाई आ रही है
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, कटरा के बेस कैंप में स्थित व्यवसाय तो चालू रहे, लेकिन बाण गंगा से चरण पादुका तक तीर्थयात्रा मार्ग पर स्थित दुकानें बंद रही। वहीं टट्टू और पालकी सेवाओं के चालू न होने के कारण तीर्थयात्रियों, खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों को वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा जारी रखने में बड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की ये अपील
मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रदर्शनकारियों को रोजगार का भरोसा दिलाने की बात कही है। मनोज सिन्हा ने कहा है कि डिविजनल कमिश्नर के नेतृत्व वाली समिति रोपवे परियोजना और स्थानीय लोगों के पुनर्वास पर विचार-विमर्श कर रही है।





