नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । संसद के दोनों सदनों में आज भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा है। आज लोकसभा और राज्यसभा के दोनों सदनों में अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के सफल अंतरिक्ष यात्रा पर चर्चा में होनी थी, लेकिन विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा को दोपहर दो बचे तक स्थगित कर दिया। लेकिन फिर संसद की कार्यवाही दोबारा शुरु हुए फिर हंगामे के बाद इसे 19 अगस्त सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
वही, कांग्रेस सांसद और पार्टी के सीनियर नेता शशि थरूर ने सोमवार (18 अगस्त,2025) को अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला के अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन की तारीफ की। उन्होंने इसे भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान महत्वाकांक्षाओं का “शक्तिशाली प्रतीक” और आगामी गगनयान कार्यक्रम का अहम हिस्सा बताया।
विपक्ष की गैर-मौजूदगी पर थरूर का बयान
संसद में विपक्ष विशेष चर्चा को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “मैं यह कहना चाहता हूं कि कैप्टन शुभांशु शुक्ला के हालिया ISS मिशन पर सभी भारतीयों को गर्व है। यह हमारे देश के गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम की ओर एक अहम कदम है।”
”ISRO को मिला अनमोल अनुभव”
थरूर ने कहा कि अंतरिक्ष यात्रा शुभांशु शुक्ला के इस मिशन पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को ऐसा अमूल्य प्रत्यक्ष अनुभव और ब्यौरा दिया, जिसे सिमुलेशन में प्राप्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव गगनयान मिशन को सुरक्षित और बेहतर बनाने में बेहद जरूरी होगा।
विशेष चर्चा से विपक्ष का किनारा
इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्षी दलों से लोकसभा में कैप्टन शुभांशु शुक्ला के मिशन और भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम पर विशेष चर्चा में भाग लेने और सहयोग की अपील की थी, हालांकि कई विपक्षी नेता कथित वोटर लिस्ट में धांधली पर चर्चा की मांग करते हुए इस सत्र में भाग नहीं लिए।
इस मिशन का कूटनीतिक महत्व
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने मिशन के कूटनीतिक पहलू का जिक्र करते हुए कहा कि यह ‘वैश्विक अंतरिक्ष कूटनीति’ में एक मील का पत्थर है। इससे भारत की बहुपक्षीय सहयोग की तैयारी साबित हुई और संयुक्त अनुसंधान व निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।
”शुभांशु शुक्ला का यह मिशन युवाओं के लिए प्रेरणा”
शशि थरूर ने आगे कहा कि कैप्टन शुभांशु शुक्ला की एक ऐतिहासिक उड़ान ने भारत की मानव अंतरिक्ष उड़ान के महत्वाकांक्षाओं को मजबूत पंख दिए। इसने देश की नई पीढ़ी को विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग, गणित और अंतरिक्ष के क्षेत्रों में खिलने को मिलेगा। उनका यह मिशन युवाओं को करियर बनाने के लिए प्रेरित करता है, जो भारत के दीर्घकालिक अंतरिक्ष लक्ष्यों के लिए आवश्यक है।


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