back to top
28.1 C
New Delhi
Monday, March 16, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

केरल में विपक्षी दलों ने इडुक्की निवासियों की पीड़ा पर चुप्पी साधने को लेकर सीएम की आलोचना की

तिरुवनंतपुरम, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। मुल्लापेरियार बांध के विवादास्पद मुद्दे को लेकर इडुक्की के लोगों में गुस्सा उस वक्त देखा गया, जब स्थानीय विधायक और जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टाइन उनसे मिलने आये। लोगों का गुस्सा देख उन्होंने कहा कि वह असहाय हैं। ऑगस्टीन ने सोमवार रात निवासियों से मुलाकात की थी। विपक्षी लोकसभा सदस्य एन.के. प्रेमचंद्रन ने लोगों की पीड़ा को कम करने में विफल रहने के लिए मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की आलोचना की और आरोप लगाया कि विजयन का तमिलनाडु के साथ एक गुप्त समझौता था। बांध केरल (जहां बांध स्थित है) और तमिलनाडु, जो पुराने पट्टा समझौते के अनुसार बांध का संचालन करता है। पिछले कुछ दिनों से, रात में बांध के शटर खोल दिए गए हैं, जिससे इडुक्की के सैकड़ों निवासी के घरों में पानी भर गया। रात करीब साढ़े नौ बजे आक्रोशित निवासियों ने ऑगस्टीन को घेर लिया और अपना गुस्सा निकाला। इस दौरान एक नाराज मंत्री को याचना करते देखा गया। इस दौरान ऑगस्टाइन ने कहा, आप सभी जानते हैं कि बांध तमिलनाडु द्वारा संचालित है। हम इसे सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में ला सकते हैं और यह मंगलवार को किया जाएगा। मैं असहाय हूं और मैं कुछ नहीं कर सकता। राज्य के पूर्व जल संसाधन मंत्री प्रेमचंद्रन ने विजयन पर अपना गुस्सा उतारा और पूछा कि विजयन चुप क्यों हैं। प्रेमचंद्रन ने कहा, इस मामले का तथ्य यह है कि तमिलनाडु के साथ एक गुप्त समझौता है और यही इस उपद्रव का प्रमुख कारण है और इसने नीचे रहने वाले लोगों के लिए अनकही पीड़ा को जन्म दिया है। एक मंत्री की विनती कहानी कहती है और अगर वह लोगों को सांत्वना देने में असमर्थ हैं, तो सबसे अच्छी बात है और वह इस्तीफा दे सकते हैं। केरल ने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी है, जहां एक मंत्री कहते हैं कि वह असहाय हैं। सोमवार की रात को बांध के आठ शटर खोले गए और मंगलवार की सुबह एक को छोड़कर बाकी सभी शटर बंद कर दिए गए हैं। नाराज निवासियों ने कहा कि अगर किसी मंत्री ने कहा कि वह लाचार है तो उसे इस्तीफा दे देना चाहिए। नाराज निवासियों ने कहा, हमने अपना सारा धैर्य खो दिया है, क्योंकि हमें पता नहीं है कि क्या हो रहा है। हम नहीं जानते कि हमारी सरकार चुप क्यों है। हमारी मदद के लिए नहीं आई है। इडुक्की लोकसभा कांग्रेस के सदस्य डीन कुरियाकोस ने कहा कि विजयन ने तमिलनाडु से हाथ मिला लिया है और उन्हें कम से कम यह करना चाहिए कि वे तुरंत दिल्ली जाएं और उन लोगों के साथ मुद्दे उठाएं जो मायने रखते हैं। गुस्साए केरल विपक्ष इन दिनों विजयन पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला बोल रहा है। 8 दिसंबर, 2011 को जब ओमान चांडी मुख्यमंत्री थे, तब विजयन के साथ तत्कालीन विपक्ष के नेता वी.एस. अच्युतानंदन 208 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला का हिस्सा थे, जिसमें लाखों लोगों ने मुल्लापेरियार बांध स्थल के पास से कोच्चि में अरब सागर तक भाग लिया और मुल्लापेरियार में एक नए बांध की मांग करने का संकल्प लिया। लेकिन अब विजयन कहते हैं कि बांध सुरक्षित है। बस इसी बात पर अब पूरा विपक्ष हमलावर है। फिहलाल, विजयन ने अब तक इस मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। –आईएएनएस एचके/आरजेएस

Advertisementspot_img

Also Read:

छुट्टी रद्द होते ही GenZ कर्मचारी का अनोखा रिएक्शन, एयरपोर्ट से बोलीं- अब 10 दिन बाद ही खुलेगा लैपटॉप

नई दिल्‍ली/रफ्तार डेस्‍क । सोचिए, आप फ्लाइट पकड़ने ही वाले हों और तभी ऑफिस से मैसेज आए कि आपकी छुट्टियां रद्द कर दी गई...
spot_img

Latest Stories

Kerala Assembly Election 2026: केरल में LDF के साथ चुनाव लड़ेगी RJD, तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। Tejashwi Yadav ने आगामी केरल विधानसभा...

हफ्ते के पहले दिन शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, Sensex-Nifty कभी लाल तो कभी हरे निशान पर

नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार,...