नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। 6-7 मई की रात को भारतीय सेना ने आतंक के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। इन हमलों में करीब 900 आतंकियों को निशाना बनाया गया। ये कार्रवाई 15 दिन पहले कश्मीर के पहलगाम में हुए टूरिस्ट हमले का जवाब मानी जा रही है, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी।
कहां-कहां हुए हमले? कितने आतंकी मारे गए?
जहां आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया
बहावलपुर – 250 से ज्यादा आतंकी
मुरीदके – 120 से ज्यादा
मुजफ्फराबाद – 110-130
कोटली – 75-80
गुलपुर – 75-80
भिंबर – 60
चक अमरू – 70-80
सियालकोट – 100
किस संगठन का ठिकाना कहां था?
बहावलपुर (मरकज सुभान अल्लाह) – जैश-ए-मोहम्मद
मुरीदके (मरकज तैयबा) – लश्कर-ए-तैयबा
सियालकोट (महमूना जोया) – हिजबुल मुजाहिदीन
कोटली (मरकज अब्बास और मसकर राहील शाहिद) – जैश और हिजबुल दोनों
मुजफ्फराबाद (शवाई नल्ला और सैयदना बिलाल कैंप) – लश्कर और जैश
बरनाला (मरकज अहले हदीत) – लश्कर
सरजल (तहरा कलां) – जैश
भारतीय सेना का कहना है कि ये हमले पूरी तरह सटीक और केंद्रित थे। भारत ने कहा कि उसके पास पाकिस्तान स्थित आतंकियों की पहलगाम हमले में संलिप्तता के पक्के सबूत हैं।
दुनियाभर में भारत ने दी जानकारी
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अमेरिका के NSA और विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भारत की कार्रवाई की जानकारी दी। भारत ने कई देशों को बताया कि यह कार्रवाई आतंक के खिलाफ जरूरी और न्यायोचित थी।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भी लगा झटका
हमले के बाद पाकिस्तान का स्टॉक मार्केट 7000 अंकों तक गिर गया। इससे वहां के निवेशकों को करोड़ों का नुकसान हुआ। भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द करने का ऐलान किया है। पाकिस्तान की 80% खेती सिंधु जल पर निर्भर है। इससे वहां खाद्यान्न संकट और जल संकट गहराने की आशंका है। बिलावल भुट्टो ने कहा, “या तो पानी बहेगा या खून” — यह पाकिस्तान की बेचैनी का संकेत है। भारत ने पाकिस्तान से सभी तरह के व्यापार बंद कर दिए हैं और अटारी-वाघा बॉर्डर सील कर दिया है। साथ ही, भारत ने अपने एयर स्पेस को भी पाकिस्तान के लिए बंद कर दिया है। भारत ने पहलगाम हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया है। ऑपरेशन सिंदूर से यह साफ हो गया है कि भारत अब आतंक के खिलाफ कोई भी कड़ा कदम उठाने से नहीं झिझकेगा।




