नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के चलते वैष्णो देवी यात्रा के दौरान बड़ी त्रासदी सामने आई है। रियासी और डोडा जिलों में मंगलवार और बुधवार को आई प्राकृतिक आपदाओं में कम से कम 41 लोगों की मौत हो गई, जिनमें से अधिकतर श्रद्धालु वैष्णो देवी यात्रा पर थे। जम्मू क्षेत्र में पिछले 24 घंटों की भीषण बारिश ने व्यापक तबाही मचाई है।
इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सवाल उठाते हुए कहा कि मौसम विभाग की चेतावनी पहले से मौजूद होने के बावजूद यात्रा को क्यों नहीं रोका गया। उन्होंने तीर्थयात्रियों की मौत को लेकर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मंगलवार को अर्धकुंवारी के पास बादल फटने की वजह से 34 श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि डोडा जिले में तेज बारिश और बाढ़ के कारण चार लोगों की मौत हुई। कई लोग घायल हुए हैं और राहत-बचाव कार्य में पुलिस व आपदा प्रबंधन टीम जुटी हुई है।
उमर अब्दुल्ला ने उठाए सवाल
वैष्णो देवी यात्रा के दौरान हुई भीषण त्रासदी पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीर्थयात्रियों की मौत पर गहरा शोक जताते हुए यात्रा प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब मौसम विभाग ने पहले ही खराब मौसम की चेतावनी जारी की थी, तो यात्रा क्यों नहीं रोकी गई और श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर क्यों नहीं पहुंचाया गया? मीडिया से बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा, “जब हमें मौसम विभाग से चेतावनी मिली थी, तो क्या हम उन लोगों की जान बचाने के लिए कोई कदम नहीं उठा सकते थे? ये लोग ट्रैक पर क्यों थे और उन्हें सुरक्षित जगह क्यों नहीं भेजा गया?” उन्होंने यह भी साफ किया कि इस पूरे मामले पर आगे गंभीरता से चर्चा की जाएगी और जिम्मेदार एजेंसियों से जवाब मांगा जाएगा।
CM ने जताई नाराजगी, कहा- जवाबदेही तय होगी
मुख्यमंत्री ने वैष्णो देवी यात्रा के दौरान हुई त्रासदी पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आपदा से पहले मौसम संबंधी चेतावनी मिलने के बावजूद श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अनमोल जानें गईं और यह बेहद दुखद है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब तलब किया जाएगा और जवाबदेही तय की जाएगी।
बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया
वैष्णो देवी यात्रा का संचालन श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधीन होता है, जिसके अध्यक्ष जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हैं। यह बोर्ड त्रिकुटा पहाड़ियों में यात्रा की निगरानी और संचालन का जिम्मा संभालता है। लेकिन खराब मौसम की पूर्व चेतावनी के बावजूद यात्रा जारी रखने को लेकर उमर अब्दुल्ला द्वारा उठाए गए सवालों पर अब तक बोर्ड की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस हादसे ने प्रशासन की आपदा प्रबंधन नीति और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, राहत और बचाव कार्यों के बीच स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि अब श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।





