नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। हरियाणा विधानसभा चुनाव में बुरी हार मिलने के बाद कांग्रेस के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी होती दिख रही है। अब उसके सहयोगी दल ही उसके खिलाफ बयान देने लगे हैं। इसमें सबसे हैरान करने की बात यह है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन किया था। दोनों ही दलों ने एक दूसरे की रणनीति का सम्मान करते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा का चुनाव लड़ा। जिसमे नेशनल कांफ्रेंस को बड़ी जीत हासिल हुई। जम्मू-कश्मीर में जल्द ही नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्लाह मुख्यमंत्री की शपथ ले लेंगे। लेकिन अब उमर अब्दुल्लाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है, उन्होंने कहा कि पीएम मोदी एक सम्मानित व्यक्ति हैं।
राजभवन का रास्ता नापने वाले लोग क्यों घर बैठे रह गए?
इससे पहले नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के भावी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए नसीहत दी कि हरियाणा में कांग्रेस कभी 60 सीटों पर हुआ करती थी, फिर वो 30 पर आ गई। यह कैसे हो गया? ऐसा क्या हुआ कि कपड़े सिलवा कर राजभवन का रास्ता नापने वाले लोग घर ही बैठे रह गए? कांग्रेस को इसपर जरूर गहन विचार करना चाहिए।
अत्यधिक आत्मविश्वास भारी पड़ सकता है:केजरीवाल
अब हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली बुरी हाल के बाद कांग्रेस के सहयोगी दल उसपर हावी होते हुए दिखाई दे रहे हैं। उद्धव ठाकरे की पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे को आगे रखकर ही चुनाव लड़ना उचित होगा। तभी बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टियों के साथ मुकाबला किया जा सकता है। अब यह तो साफ हो गया है की कांग्रेस के सहयोगी दल महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस पर दवाब बना सकते हैं।वहीं हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली बुरी हार के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा है कि किसी भी चुनाव को हल्के में लेना ठीक नहीं होता है। अत्यधिक आत्मविश्वास भारी पड़ सकता है।





