नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। जम्मू कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र जैसे ही आज शुरू हुआ तो मुख्यमंत्री दिवंगत नेताओ को श्रद्धांजलि देने के लिए खड़े हुए थे। उस दौरान वह पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को याद करके भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने मनमोहन सरकार के जम्मू कश्मीर के लिए किए गए कामों को भी याद कर सराहा। उन्होंने कहा कि जब आखिरी बार विधानसभा में आया था तो अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर श्रद्धांजलि देनी थी। इस बार जब आया तो भी पूर्व प्रधानमंत्री के निधन पर संवेदना देनी है। ये दुखद है।
पूर्व PM मनमोहन सिंह को याद कर भावुक हुए उमर अब्दुल्लाह
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जम्मू कश्मीर के मामले को हल करने की मनमोहन सिंह ने कोशिश की। उमर ने कहा कि हालांकि इसकी शुरुआत डॉ मनमोहन सिंह ने नहीं की और उन्हें यह सब विरासत में मिला था। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी शुरुआत अटल बिहारी वाजपेई और जनरल परवेज मुशर्रफ ने की। इसके अलावा उन्होंने मनमोहन सिंह के कामों को भी सराहा। उन्होंने कहा कि चिनाब नदी पर जो सबसे ऊंचा पुल बन सका उसका काम भी मनमोहन सिंह के कार्यकाल के दौरान ही हुआ था। अपने संबोधन के दौरान वह भावुक दिखाई दिए।
कश्मीर मामले का भी जिक्र किया
सीएम उमर अब्दुल्लाह ने कहा कि कश्मीर मामले का हल करने के लिए अटल बिहार वाजपेयी ने बड़े कदम उठाए। लेकिन जब उनकी सरकार चली गई तो मनमोहन सिंह उनके कामों को बंद भी कर सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और कश्मीर मुद्दे को हल करने की दिशा में काम करना जारी रखा। उस दौर में हम कश्मीर मुद्दे को हल करने के जितने करीब आए थे,मुझे नहीं लगता कि हम अब कभी भी उतने करीब आ पाएंगे। मुझे नहीं लगता मैं अपनी जिंदगी में दोबारा ऐसा देख पाऊंगा।





