नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित ओम पर्वत (Om Parvat) की बर्फ पिघलने से पर्वत पर दिखने वाला ओम शब्द पूरी तरह से गायब हो गया है। अब वहां पर सिर्फ बंजर पहाड़ दिख रहा है। व्यास घाटी में स्थित Om Parvat 5900 मीटर यानी 19356 फीट ऊंचा है। यह उत्तराखंड का प्रमुख धार्मिक स्थल है। ओम पर्वत पर पड़ी बर्फ हिंदी के शब्द ‘ॐ’ की तरह दिखती है। इसकी वजह से इसका नाम ओम पर्वत पड़ा है। पिथौरागढ़ जिले में चीन सीमा के पास स्थित नाभी ढांग से Om Parvat के दिव्य दर्शन होते थे, लेकिन अब इस पर्वत पर दिखने वाला ओम पूरी तरह से गायब हो गया है।
ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पिघल रही बर्फ
पर्यावरणविद इसे ग्लोबल वार्मिंग (Global Warming) से जोड़ रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि मौजूदा समय में वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी के चलते हिमालय की बर्फ तेजी से पिखल रही है। इसलिए ओम पर्वत से भी बर्फ गायब हो गई है। पार्यावरणविदों का कहना है कि Global Warming, हिमालय में लगातार हो रहे निर्माण कार्य और मानवीय हस्तक्षेप के कारण ये घटनाएं हो रही हैं।
5900 मीटर ऊंचा है ओम पर्वत
स्थानीय पर्यावरणविद भगवान सिंह रावत ने कहा कि ओम पर्वत लगभग 6 हजार मीटर ऊंचा है। इतनी ऊंचाई पर स्थित बर्फ का पिघल जाना भविष्य के लिए गंभीर चेतावनी है। वैज्ञानिकों को इस मामले पर डीप स्टडी करनी चाहिये, ताकि समय रहते Himalaya को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि पर्यटन की वजह से हिमालयन क्षेत्रों में भीड़ बढ़ी है। जिसकी वजह से जलवायु बदल रहा है।
बर्फबारी के बाद फिर से पर्वत पर दोबारा आई बर्फ
वहीं इस संबंध में निगम के एक अधिकारी धनसिंह ने बताया कि ओम पर्वत पर पहले बर्फ पिघलने की दर 95 फीसदी रहा करती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इस साल पर्वत पर मौजूद बर्फ पूरी तरह से पिघल गई है। इस घटना के पीछे का कारण पिछले 5 सालों में ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी में कमी हो सकता है। उन्होंने कहा कि सोमवार की रात हुई बर्फबारी के बाद ओम पर्वत पर बर्फ दोबारा वापस आ गई है।




