नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। तिरुपति मंदिर के प्रसाद ‘तिरुपति लड्डू’ बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले घी में पशुओं की चर्बी के आरोप लगने के बाद ओडिशा सरकार ने जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद में प्रयोग होने वाले घी की गुणवता की जांच का निर्णय लिया है। ओडिशा सरकार ने यह निर्णय 24 सितंबर 2024 को लिया है।
पुरी प्रशासन घी की गुणवत्ता की जांच करेगा
ओडिशा सरकार ने यह फैसला आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर में लड्डू बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले घी में पशु की चर्बी के आरोप लगने के बाद लिया है। बता दें कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शिकायत मिलने के बाद तिरुपति मंदिर के घी की गुणवता की जांच के आदेश दिए थे। जिसके सैंपल गुजरात स्थित पशुधन लैब को भेजे गए थे, जिसमे लैब ने घी में पशु चर्बी होने की पुष्टि की।
इसी घटना से सबक लेते हुए पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने जानकारी दी कि जगन्नाथ मंदिर में इस तरह के कोई आरोप नहीं है। लेकिन पुरी प्रशासन ‘कोठा भोग’ (देवताओं के लिए प्रसाद) और ‘बराड़ी भोग’ (ऑर्डर पर प्रसाद) को बनाने में प्रयोग किए किए जाने वाले घी की गुणवत्ता की जांच करेगा।
प्रसाद की तैयारी करने वाले सेवकों के साथ भी बैठक की जाएगी
पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा कि ओडिशा मिल्क फेडरेशन (ओमफेड) ही पुरी के जगन्नाथ मंदिर में घी की सप्लाई करता है। प्रशासन को अभी तक ओडिशा मिल्क फेडरेशन (ओमफेड) के घी में कोई मिलावट की खबर नहीं मिली है। लेकिन फिर भी ओडिशा मिल्क फेडरेशन (ओमफेड) के द्वारा सप्लाई किए जाने घी की गुणवत्ता की जांच का निर्णय लिया गया है।
पुरी के जिलाधिकारी सिद्धार्थ शंकर स्वैन ने कहा है कि मंदिर में प्रसाद की तैयारी करने वाले सेवकों के साथ भी बैठक की जाएगी। आंध्र प्रदेश के तिरुपति मंदिर के प्रसाद में प्रयोग किए जाने वाले घी में पशु की चर्बी के आरोप के बाद किसी न किसी तरह हर राज्य में सतर्कता बढ़ गई है। इसमें उत्तर प्रदेश अव्वल है, योगी आदित्यनाथ ने इस तरह के मामलों को रोकने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं।




