नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबसे भरोसेमंद अधिकारी माने जाने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल आज 80 साल के हो गए हैं। 20 जनवरी 1945 को जन्मे अजीत डोभाल मौजूदा ब्यूरोक्रेट्स में से सबसे अहम माने जाते हैं। सी के तमाम ऑपरेशन के पीछे अजीत डोभाल की रणनीतियां ही होती हैं। वह रणनीतिक तौर पर तो कुशल मन ही जाते हैं बल्कि किसी भी मिलिट्री ऑपरेशन के दौरान पर्दे के पीछे रहकर नायक की भूमिका भी निभाते हैं। निर्भीकता इतनी कि वह 7 साल तक पाकिस्तान में अपनी पहचान छुपा कर भी भारत के लिए काम कर चुके हैं।
7 साल तक पाकिस्तान में जासूस बनकर रहे डोभाल
अजीत डोभाल 7 साल तक पाकिस्तान में जासूस बनाकर भारत के लिए खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान जब वह है वहां मौजूद एक मजार पर पहुंचे तो एक व्यक्ति ने उनसे पूछा कि क्या तुम हिंदू हो? इस पर अजीत डोभाल ने कहा कि नहीं मैं मुसलमान हूं। उसे व्यक्ति ने दोबारा कहां की नहीं तुम मुसलमान नहीं हो बल्कि हिंदू हो क्योंकि तुम्हारे कान में छेद है। कुशाग्र बुद्धि वाले अजीत डोभाल ने कहा कि मैं हिंदू से मुसलमान कन्वर्ट हुआ हूं। उसे व्यक्ति ने कहा कि तुम हिंदू हो और मैं भी हिंदू हूं। अजीत डोभाल को उन्होंने एक अहम सलाह देते हुए कहा की यहां हिंदुओं की स्थिति बहुत बदतर है तुरंत प्लास्टिक सर्जरी कर लो वरना कुछ भी हो सकता है। अजीत डोभाल ने अपने काम को प्राथमिकता देते हुए प्लास्टिक सर्जरी कर ली और वहां मजबूती से डटे रहे।
IB डायरेक्टर रह चुके हैं अजीत डोभाल
साल 1945 में उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल इलाके में एक ऐसे शख्स का जन्म हुआ जो आज भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा में स्तंभ का काम कर रहा है। शुरुआती शिक्षा के बाद उन्होंने सिविल सर्विसेज में जाने का फैसला किया साल 1968 में वह केरल कैडर के आईपीएस ऑफिसर बने। उनके काम में इतना परफेक्शन था कि एक के बाद एक उपलब्धियां उनका इंतजार कर रही थी। साल 2005 में उन्हें इंटेलिजेंस ब्यूरो का डायरेक्टर नियुक्त किया गया जिसके चलते उनके काम को सराहते हुए भारत सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र देने का फैसला किया। पाकिस्तान पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक के पीछे भी अजीत डोभाल की ही रणनीति थी। मौजूदा समय में वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं।




