नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। नोएडा के सेक्टर-150 में 16 जनवरी को युवराज की कार निर्माणाधीन मॉल साइट के पास पानी भरे गड्ढे में गिर गई थी। उस गड्ढे के आसपास कोई सुरक्षा अवरोधक नहीं था, जिससे लापरवाही के आरोप सामने आए।
एमजेड विश्टाउन के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है
इस मामले में पुलिस ने एमजेड विश्टाउन के मालिक और नामजद बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। नालेज पार्क थाना पुलिस ने इस गिरफ्तारी को अंजाम दिया है। वहीं, इस घटना के बाद लोटस ग्रीन पर भी मामला दर्ज किया गया था।
SIT ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी है
घटना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस केस की जांच के लिए 3 सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) गठित की। मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर के नेतृत्व में गठित SIT ने मंगलवार से जांच शुरू कर दी है। टीम ने नोएडा सेक्टर-6 में जाकर मामले की स्थिति की जानकारी ली और मृतक के परिवार से भी बातचीत की। एडीजी भानु भास्कर ने बताया कि जांच के सभी पहलुओं पर गहनता से काम किया जा रहा है और परिवार के साथ संवेदना व्यक्त की गई है।
इस घटना की जांच रिपोर्ट पांच दिन के भीतर तलब
SIT में मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और PWD के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं। यह टीम दोपहर करीब 12 बजे नोएडा विकास प्राधिकरण (NDMA) के दफ्तर पहुंची और वहीं से जांच शुरू की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच रिपोर्ट पांच दिन के भीतर तलब की है। इस मामले में सरकार ने नोएडा विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी लोकेश एम को पद से हटा कर प्रतीक्षारत कर दिया है। अभी तक NDMA के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर नई नियुक्ति नहीं की गई है।





