नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को पद से हटाने के लिए विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया है राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने इस नोटिस को खारिज करते हुए कहा है कि जगदीप धनखड़ की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के लिए जल्दबाजी में विपक्ष ने इस अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस को तैयार किया है।।
इस नोटिस में कई तरह की कमियां हैं: उपसभापति हरिवंश
राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने विपक्ष के इस नोटिस को खारिज करते हुए कहा है कि इसमें कई तरह की खामियां थीं। विपक्ष ने इस नोटिस को बहुत ही लापरवाह ढंग से तैयार किया है। इस नोटिस में कई तरह की त्रुटियां हैं, जैसे नोटिस जिसे लिखा गया है, उसके नाम का का उल्लेख तक नहीं किया गया है। यहां तक कि इस पूरे नोटिस में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के नाम की स्पेलिंग भी गलत है, इसके साथ संबंधित दस्तावेज भी संलग्न नहीं है। इस पूरे नोटिस को किसी बिना प्रमाणिकता के मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें सबसे बड़ी चिंता का विषय यह है कि इस नोटिस को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की छवि धूमिल करने के इरादे से तैयार किया गया हैराज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने विपक्ष के इस नोटिस को खारिज करते हुए कहा है कि यह उचित फॉर्मेट में नहीं बनाया गया है। संविधान के अनुच्छेद 90(C) के प्रावधानों के अनुसार कोई भी प्रस्ताव लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य होता है। लेकिन संसद की कार्यवाही 20 दिसंबर 2024 को समाप्त हो जाएगी। ऐसे में नेता प्रतिपक्ष और अन्य सांसदों की तरफ से सौंपा गया यह नोटिस स्वीकार्य नहीं है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा कि यह नोटिस पूरी तरह से अनुचित, कमियों से भरा हुआ और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की छवि को खराब करने के उद्देश्य से जल्दबाजी में लाया गया है। इस वजह से इस नोटिस को खारिज किया जाता है।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष के आरोप
बता दें कि विपक्ष ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर आरोप लगाए थे कि वे बीजेपी सांसदों को तो राज्यसभा में बोलने का मौका देता हैं, मगर हमारे सांसदों के साथ पक्षपात करते हैं। जिस वजह से वे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आए थे।





