नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। देश के दो राज्य महाराष्ट्र और झारखंड में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा के चुनावों ने बता दिया है कि जिधर महिला शक्ति है, जीत वहीं है। सत्तापक्ष द्वारा उनके लिए शुरू की गई योजनाओं से फिर सत्ता प्राप्त कर लेने की इन दो राज्यों की सफलता ने अब ऐसा करने के लिए अन्य राज्यों को भी प्रेरित कर दिया है। बिहार में सीएम नीतीश कुमार भी अब इन दो राज्यों के बताए रास्ते पर चलने वाले हैं।
महिला वोटरों पर नीतीश कुमार की नजर
पटना के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नीतीश कुमार ने इसके लिए खास प्लान तैयार किया है, जिसके तहत बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश ने चुनावी साल 2025 को ध्यान में रखकर राज्यों में अपना दौरा कार्यक्रम बनाया है। नीतीश कुमार की इस यात्रा को ‘महिला संवाद यात्रा’ नाम दिया गया है। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह यात्रा बेहद अहम इसलिए है क्योंकि CM नीतीश कुमार की नजर बिहार की महिला वोटरों पर है। इस दौरे के दौरान नीतीश राज्य की महिला वोटरों से बातचीत ही नहीं करेंगे बल्कि उनकी मुश्किलों और समस्याओं को जान उनके लिए बड़ी घोषणाएं भी करेंगे।
नीतीश के दौरे का खाका तैयार
बताया गया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे का खाका तैयार हो चुका है। इस बात की पूरी जानकारी सामने आ गई है कि दौरे के दौरान नीतीश कुमार क्या करेंगे? मुख्यमंत्री के दौरे के लिए जिले का चयन किया जा चुका है। इस दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए जिला स्तरीय योजनाओं की समीक्षा बैठक भी करेंगे। इस यात्रा के लिए सभी जिला अधिकारियों को निर्देश भेज दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री का दौरा 15 से 25 दिसंबर के बीच होना संभावित है।
फ्लैगशिप स्कीम का ऐलान कर सकते हैं नीतीश
बिहार में महिलाओं पर आधारित कई योजनाएं पहले से चल रही हैं फिर भी माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कोई फ्लैगशिप स्कीम का ऐलान कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तब जरूर बिहार की महिलाओं को बड़ी वित्तीय मदद मिल सकती है। फिलहाल बिहार की सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की है। इस योजना में राज्य की महिलाओं को प्रतिमाह चार हजार रुपये मदद दी जा रही है लेकिन यह योजना उनके लिए शुरू की गई है जिनके पति का निधन हो चुका है या फिर वे तलाकशुदा हैं। जिन बच्चों के माता पिता नहीं हैं उनको भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
बिहार सरकार की योजनाएं
गर्भवती महिलाओं को लेकर भी बिहार सरकार की स्कीम है। प्रसव के बाद परिवार नियोजन के लिए स्थायी साधन यूज करने पर प्रसूता को 2000 रुपये और प्रसव के 7 दिन बाद परिवार नियोजन कराने पर 3000 रुपये दिए जाते हैं। वहीं, ग्रामीण गर्भवती महिलाओं को 1400 तो शहरी गर्भवती महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते हैं। गर्भवतियों को संस्थागत प्रसव के लिए प्रोत्साहित करने के लिए शहरी क्षेत्र की आशाओं को 400 तो ग्रामीण आशाओं को 600 रुपये दिए जा रहे हैं। इसी तरह से महिलाओं में उद्यमशीलता को प्रोत्साहन देने मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना चलाई जा रही है। योजना में बिजनेस करने एकमुश्त 10 लाख रुपये लोन के रूप में दिए जाते है। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना का भी यहां जिक्र करना जरूरी है। कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए नीतीश सरकार यह योजना चला रही है। इस योजना में बेटी पैदा होने पर अभिभावकों को 5000 रुपये की राशि दी जाती है। इस योजना में लड़की के 18 साल पूरा करने पर 25 हजार रुपये उसके बैंक खाते में जमा करवा दी जाती है। इसी प्रकार की अन्य योजनाएं भी हैं जो महिलाओं से संबंधित हैं।





