नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। पंजाब विश्वविद्यालय (PU) में चल रहे सीनेट विवाद ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारी सुबह से ही कैंपस के बाहर जमा हो गए और “पीयू बचाओ” के नारे लगाने लगे। हालात तब बिगड़ गए जब प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और पुलिस को उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और कई जगहों पर झड़प की स्थिति बन गई।
प्रदर्शनकारियों ने पीजीआई के सामने रोड किया जाम
स्थिति बिगड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों ने पीजीआई के सामने की रोड को जाम कर दिया, जिससे ट्रैफिक ठप हो गया। कई घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। पुलिस ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ लोग तलवारें लिए हुए भी दिखाई दिए और कुछ निहंग वेशभूषा में शामिल थे।
चंडीगढ़ पुलिस ने की सख्ती, लाठियां भांजीं
भीड़ के उग्र होने पर चंडीगढ़ पुलिस ने लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाने की कोशिश की। पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चंडीगढ़ की सीमाएं पहले ही सील कर दी गई थीं, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शहर में दाखिल हो गए।
जाब से जत्थेबंदियों का पहुंचना जारी
पंजाब के अलग-अलग जिलों से कई जत्थेबंदियां और किसान संगठन चंडीगढ़ पहुंच रहे हैं। किसान मोर्चा के कुछ सदस्यों को मोहाली बॉर्डर पर रोका गया, वहीं किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल को भी रोकने की खबर है। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सेक्टर-56 की रोड बंद कर दी और बॉर्डर पर कंटीली तारें लगाकर सुरक्षा बढ़ा दी है।
सीनेट विवाद क्या है?
पंजाब विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में सीनेट चुनाव और प्रशासनिक फैसलों को लेकर असंतोष बढ़ा है। छात्र संगठनों और अध्यापकों का कहना है कि विश्वविद्यालय की स्वायत्तता से समझौता किया जा रहा है। इसी के विरोध में “पीयू बचाओ” आंदोलन चलाया जा रहा है, जो अब उग्र हो गया है। चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन कैंपस और आसपास के इलाकों में चौकसी बढ़ाए हुए हैं। पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट विवाद को लेकर शुरू हुआ शांतिपूर्ण विरोध अब हिंसक टकराव में बदल गया है। लाठीचार्ज, रोड जाम और उग्र भीड़ के बीच कैंपस का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन ने सख्ती के संकेत दिए हैं, जबकि प्रदर्शनकारी अपने आंदोलन को जारी रखने पर अड़े हैं।




