– प्रफुल्ल पटेल को तत्काल हटा कर नए नियम निरस्त किए जाएं: तारिक अनवर नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। लोकसभा सदस्य व कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार समेत कई नेताओं ने पत्र लिखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लक्षद्वीप मामले में नए नियमों को वापिस लिए जाने की मांग की है। इस बीच कांग्रेस पार्टी के महासचिव और लक्षद्वीप मामलों के प्रभारी तारिक अनवर ने नए नियमों के मसौदे की निंदा की है। मंगलवार को अनवर ने कहा कि मुझे लक्षद्वीप के पूर्व सांसद हमदुल्लाह सईद समेत पार्टी के कई नेताओं के जरिए फोन और पत्र के माध्यम से लक्षद्वीप में हो रहे बदलाव के बारे में जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के नेता राहुल गांधी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने इस सम्बंध में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर नए नियमों को वापिस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को तत्काल इस सम्बंध में फैसला लेना चाहिए और लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल को तत्काल पद से मुक्त करना चाहिए। तारिक अनवर ने कहा कि इतनी शांत जगह को भी विवादों में ला खड़ा करना भाजपा और उसकी सोच का नतीजा है। यह ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात करते हैं’, लेकिन कुछ मित्रों को छोड़कर सबका विनाश हो रहा है। मैं पीएम मोदी से लक्षद्वीप मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने कि मांग करता हूं। उन्होंने कहा है कि लक्षद्वीप की प्राकृतिक सुंदरता और संस्कृति वर्षों से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है। दुःख की बात है कि जान-बूझकर इसको विवादों में लाने और इसकी सुंदरता को बर्बाद करने का प्रयास हो रहा है, जो अत्यंत दुखद है। इसकी विरासत के संरक्षक भावी पीढ़ी के लिए द्वीप समूह की रक्षा करना चाहते हैं, लेकिन यहां के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल द्वारा घोषित की गईं जनविरोधी नीतियों से यहां के भविष्य को खतरा है। आगे उन्होंने कहा कि इन नियमों को बनाते वक्त वे यहां के सांसद और अन्य लोगों से बिना किसी विचार विमर्श के एक तरफा उन पर थोपने का प्रयास कर रहे हैं। हमेशा से शांत रहने वाले यहां के नागरिक पटेल के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि पटेल से पहले यहां कोरोना का कोई केस नहीं था, लेकिन दुःख की बात है कि पटेल के आते ही कोरोना के केस आने शुरू हो गए। इसका मतलब साफ़ है कि पटेल के हाथों में द्वीपसमूह का भविष्य खतरे में है। मेरा आपसे अनुरोध है कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और यह सुनिश्चित करें कि नए नियम तत्काल वापस लिए जाएं। विदित हो कि लक्षद्वीप सरकार ने हाल ही में नए नियमों के ड्रॉफ्ट का नोटिफिकेशन जारी किया है। वहां की आम जनता, पंचायत और सांसद का कहना है कि ये नोटिफिकेशन नियमों को ताक पर रखकर और चुने हुए प्रतिनिधियों की सलाह के बिना लिए गए हैं, जो यहां के लोगों और लक्षद्वीप के लिए घातक हैं। हिन्दुस्थान समाचार/एम. ओवैस




