नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । कई दशकों तक देश की नीतियों और महत्वपूर्ण निर्णयों का साक्षी रहा साउथ ब्लॉक अब अतीत की विरासत बनने की ओर है। आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक नए प्रशासनिक परिसर ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करेंगे, जो केंद्र सरकार के कामकाज का नया केंद्र बनेगा।
इस आधुनिक परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय जैसे अहम विभाग एक ही स्थान पर संचालित होंगे। अब तक ये सभी अलग-अलग इमारतों में कार्यरत थे। उद्घाटन कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ‘सेवा तीर्थ’ के साथ-साथ ‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ का भी लोकार्पण करेंगे। शाम के समय वे सेवा तीर्थ परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित कर इस नए प्रशासनिक अध्याय की शुरुआत का संदेश देंगे।
प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, नए भवनों के लोकार्पण के साथ देश की प्रशासनिक व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। यह नया परिसर आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है और इसे अधिक प्रभावी, पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित शासन प्रणाली के उद्देश्य से विकसित किया गया है। सरकार का कहना है कि यह पहल भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्यप्रणाली को एकीकृत और सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम है।
एक नए प्रशासनिक अध्याय में प्रवेश कर रहा भारत- केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने 13 फरवरी 2026 की तारीख को दिल्ली के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य से जोड़ते हुए लिखा कि इसी दिन स्वतंत्र भारत एक नए प्रशासनिक अध्याय में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि 13 फरवरी 1931 को अंग्रेजों ने नई दिल्ली को औपनिवेशिक भारत की राजधानी घोषित किया था और अब ठीक उसी तारीख पर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री कार्यालय ब्रिटिश काल के साउथ ब्लॉक से ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव औपनिवेशिक विरासत से आगे बढ़कर आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भारत के निर्माण के संकल्प को दर्शाता है।
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Tomorrow, 13 Feb 2026, the history of independent India takes a new turn.
The iconic PMO “Prime Minister’s Office” moves from the British era South Block to its new address, #SevaTeerth”.
Incidentally, on this very day in 1931, that is 13 February 1931, the British had declared… pic.twitter.com/vPU75mxY7V
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) February 12, 2026
सेंट्रल विस्टा के तहत आधुनिक ‘कर्तव्य भवन’ तैयार
केंद्र सरकार की सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत अपने प्रमुख कार्यालयों को आधुनिक ढांचे में विकसित करने की पहल की है। इससे पहले कई अहम मंत्रालय और विभाग अलग-अलग इमारतों में फैले हुए थे, जिससे समन्वय में दिक्कतें, संचालन में देरी, रखरखाव का बढ़ता खर्च और कर्मचारियों के लिए सीमित सुविधाएं जैसी समस्याएं सामने आती थीं। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रमुख कार्यालयों को एक ही परिसर में समेकित करने का निर्णय लिया।
‘कर्तव्य भवन-1’ और ‘कर्तव्य भवन-2’ में अब वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, कॉर्पोरेट कार्य, शिक्षा, संस्कृति, विधि एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण, कृषि एवं किसान कल्याण, रसायन एवं उर्वरक तथा जनजातीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इससे विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर तालमेल और तेज निर्णय प्रक्रिया सुनिश्चित होने की उम्मीद है। दोनों परिसरों को डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय प्रणाली, सुव्यवस्थित जनसंपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत कक्ष जैसी सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य कार्यकुशलता बढ़ाना, नागरिक सहभागिता को मजबूत करना और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।
चार-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुरूप निर्मित इन भवनों में नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग, जल संरक्षण तंत्र, कचरा प्रबंधन प्रणाली और उच्च-प्रदर्शन वाली संरचनाएं शामिल की गई हैं, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, उन्नत निगरानी नेटवर्क और आपातकालीन प्रतिक्रिया ढांचे जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं अधिकारियों व आगंतुकों के लिए सुरक्षित और सुगम माहौल सुनिश्चित करती हैं।





