नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। NEET परीक्षा और उसके रिजल्ट पर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। एक तरफ जहां लोग कह रहे हैं कि नीट की परीक्षा में भयंकर धांधली हुई है। तो वहीं केंद्रीय शिक्षा मंत्री से लेकर नीट की परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था NTA इसे सिरे से नकार रहे हैं। अब इस मामले में नया खुलासा हुआ है। जिसके सामने आने के बाद NTA की पवित्रता पर लोग सवाल उठा रहे हैं। दरअसल नई जानकारी के अनुसार पटना में नीट का पेपर लीक हुआ था। वहीं गोधरा में पूरा सेंटर ही बिका हुआ था। जिसकी जानकारी अब सामने आई है।
नीट परीक्षा पर क्यों उठ रहे सवाल?
नीट परीक्षा पर सवाल उठाने के कई कारण हैं। जिनमें ये 5 कारण प्रमुख हैं।
1. एक साथ 67 बच्चों का परीक्षा में टॉप करना। जबकी इससे पहले एक या दो बच्चे ही परीक्षा में टॉप करते थे।
2. एक ही सेंटर से 8 छात्रों का टॉप करना। उन छात्रों में से 6 छात्रों का रोल नंबर एक क्रम में है।
3. 1563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देना। जबकि आजतक ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी उम्मीदवार को ग्रेस मार्क्स दिया गया हो।
4. नीट परीक्षा के दिन पटना में सॉल्वर गैंग्स का पकड़े जाना। दरअसल 5 मई को पटना पुलिस ने एक सॉल्वर गैंग को गिरफ्तार किया। जिसने ये कबूल किया कि उन्होंने नीट परीक्षा से एक दिन पहले कई छात्रों को परीक्षा का पेपर सॉल्व कराया था।
5. गुजरात के गोधरा में पूरा सेंटर ही सेट होना। जहां पर हजारों किलोमीटर दूर से बच्चे जाकर परीक्षा दिए।
गोधरा में एग्जाम सेंटर सेट होना
दरअसल गुजरात के गोधरा में एक सेंटर पूरी तरह से बिका हुआ था। यहां के जलाराम स्कूल में 30 छात्रों को गलत तरीके से परीक्षा दिलाई गई। इस सेंटर पर छात्रों से कहा गया कि जो उत्तर जानते हैं उसे मार्क कर दें। बाकि हम कर देंगे। हालांकि इसकी सूचना गुजरात पुलिस को पहुंच गई। जिसके बाद पुलिस ने एक्जाम सेंटर को अपने कब्जे में ले लिया और प्रशासन की देखरेख में ये एग्जाम दोबारा हुआ।
पूरा एग्जाम सेंटर ही था बुक
इस मामले में अब ये जानकारी सामने आई है कि वड़ोदरा के परशुराम रॉय नामक एक व्यक्ति ने स्कूल के प्रिंसिपल पुरुषोत्तम शर्मा से सेटिंग कर पूरा सेंटर ही बुक करा लिया था। जिसमें इस स्कूल का एक शिक्षक तुषार भट्ट भी शामिल था। मजेदार बात ये है कि एनटीए ने इस स्कूल के प्रिंसिपल पुरुषोत्तम शर्मा को ही डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर बनाया था। पुलिस के द्वारा जांच में स्कूल के शिक्षक तुषार भट्ट की कार में 7 लाख रुपेये मिले थे। इसके अलावा उसके ऑफिस से भी 2.30 करोड़ का चेक मिला था।
पटना में क्या हुआ था?
नीट की परीक्षा 5 मई को थी। पटना के शास्त्री नगर इलाके में स्थित डीएवी स्कूल में परीक्षा का सेंटर था। 5 मई से पहले वाली रात को एक सॉल्वर गैंग ने कुछ छात्रों को नीट का प्रश्नपत्र सॉल्व कराया था। इस संबंध में पटना पुलिस ने इसी सेंटर पर परीक्षा देने वाले एक छात्र आयुष को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में छात्र ने उक्त बातें बताई थी। उसने कहा था कि एक हॉस्टल में कुल 26 छात्रों को नीट परीक्षा के पेपर और उसके उत्तर उपलब्ध कराये गए थे।
पटना पुलिस को छापेमारी में मिले जले कागज
जिसके बाद पटना पुलिस ने उस हॉस्टल में छापेमारी की। छापेमारी में वहां पर कुछ कागज जले नजर आए। उनको इकठ्ठा कर पुलिस ने फॉरेंसिक जांच के लिए एनटीए से ओरिजनल प्रश्न पत्र मांगा, लेकिन एनटीए ने पुलिस को प्रश्न पत्र उपलब्ध नहीं कराया।
नीट परीक्षा में इस तरह की गड़बड़ी की सूचना आने के बाद से छात्रों का एनटीए से भरोसा उठ गया है। छात्र दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
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