विशाखापट्नम,16 मई (आईएएनएस)। विशाखापत्तनम के नेवल डॉकयार्ड विशेषज्ञों ने रविवार को आंध्र प्रदेश के नेल्लोर और श्रीकालहस्ती में दो प्रमुख ऑक्सीजन संयंत्रों की मरम्मत में एक बड़ी सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने कहा कि इस विकास से राज्य में चिकित्सा ऑक्सीजन की कमी के कारण चल रहे संकट के दौरान ऑक्सीजन की आपूर्ति को एक बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नेवल डॉकयार्ड की टीमों ने कम्प्रेसर को ओवरहाल करके ऑक्सीजन संयंत्रों की सफलतापूर्वक मरम्मत किया और नेवल डॉकयार्ड के भीतर निर्मित कुछ एडेप्टर और एक्सेसरीज को बदल दिया। दोनों संयंत्रों पर आंध्र प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की इंजीनियरिंग टीमों के साथ नौसेना डॉकयार्ड की एक विशेषज्ञ टीम ने लगभग सात दिनों तक काम किया और जिला प्रशासन के सहयोग से इस कार्य को पूरा किया। नेल्लोर में कृष्णा तेजा ऑक्सीजन प्लांट एक बड़ा क्रायोजेनिक प्लांट है जो एक दिन में 400 जंबो टाइप सिलेंडर चार्ज करने में सक्षम है और छह साल से निष्क्रिय पड़ा था। श्रीकालहस्ती का संयंत्र वीपीएसए प्रौद्योगिकी पर आधारित एक बड़ा संयंत्र है और 16,000 लीटर प्रति मिनट उत्पादन करने में सक्षम है। राज्य सरकार पहले ही पूर्वी नौसेना कमान से ऑक्सीजन आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी करने और अस्पतालों को इसकी पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मदद मांग चुकी है। सरकार ने 8 मई को घोषणा की कि पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) पूरे आंध्र प्रदेश के सभी सरकारी और शिक्षण अस्पतालों में ऑक्सीजन संयंत्रों का संचालन और रखरखाव करेगी। ईएनसी ने ऑक्सीजन संयंत्रों में रिसाव को ठीक करने, संयंत्रों की स्थिति की निगरानी करने और वहां बरती जाने वाली सावधानियों को चाक चौबंद करने की जिम्मेदारी ली। प्रत्येक टीम को तीन से चार जिलों का प्रभारी बनाकर चार विशेष टीमें बनाई गईं है। –आईएएनएस एमएसबी/आरजेएस




