नई दिल्ली रफ्तार डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार की सुबह नागपुर में आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे। 11 साल में यह पहला मौका है जब पीएम आरएसएस के द्वार पर पहुंचे हैं। उन्होंने यहां स्मृति मंदिर में आरएसएस के संस्थापकों हेडगेवार और गोलवलकर को श्रद्धांजलि दी जिस दौरान उनके साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत भी रहे। उनके स्वागत के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नागपुर से सांसद नितिन गडकरी ने एयरपोर्ट पहुंचकर आगवानी की। स्मृति मंदिर के बाद उनका कार्यक्रम डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली जाने का भी है।
पीएम मोदी ने स्मृति मंदिर की विजिटर्स बुक में लिखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरएसएस के स्मृति मंदिर में जाकर RSS के संस्थापकों को श्रद्धांजलि थी। उन्होंने विजिटर बुक में लिखा परम पूजनीय डॉक्टर हेडगेवार जी और गुरु जी को शत-शत नमन, उनकी स्मृतियों को समझने इस स्मृति मंदिर में आकर अभिभूत हूं। भारतीय संस्कृति राष्ट्रवाद और संगठन शक्ति के मूल्यों को समर्पित यह स्थल हमें राष्ट्र की सेवा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। संघ के इन दो मजबूत स्तंभों की यह स्थली देश की सेवा में समर्पित लाखों स्वयं सेवकों के लिए ऊर्जा पुंज है। हमारे प्रयासों से मां भारती का गौरव सदा बढ़ता रहे।
आम आदमी पार्टी ने चुटकी ली
बतौर प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई 27 अगस्त 2000 में आरएसएस के मुख्यालय पहुंचे थे इसके बाद लंबे समय तक केंद्र में कांग्रेस की सरकार रही जबकि 2014 से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार चल रही है लेकिन 11 सालों में यह पहला मौका है जब पीएम नरेंद्र मोदी आरएसएस के दफ्तर पहुंचे हैं। इस पर चुटकी लेते हुए आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कम सीट मिलने का असर दिख रहा है प्रधानमंत्री RSS को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं।




