नई दिल्ली, रफ्तार न्यूज। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शिया समुदाय के लोगों ने आक्रोश प्रर्दशन किया। यह प्रर्दशन हिजबुल्लाह के चीफ हसन नसरल्लाह की मौत पर किया गया। प्रर्दशन में लोगों ने लगभग 1 किलोमीटर लंबा कैंडल मार्च निकाला। वहीं आक्रोश से भरे लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जमकर नारे लगाकर प्रर्दशन किया। छोटे से बड़े झमामबाड़ा तक हजारों की संख्या में महिलाएं और छोटे बच्चों ने हाथ में मोमबत्ती एवं तख्ती लेकर मातम करते हुए जुलूस निकाला। नसरल्लाह की मौत के बाद शोक में शिया समुदाय के लोगों ने अपने घरों और धार्मिक स्थलों पर काले झंडे लगाए।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पोस्टर जलाया गया
लखनऊ की दीवारों पर हिजबुल्लाह और नसरल्लाह के पोस्टर लगाए गए। लोगों ने हाथों में हसन नसरल्लाह की तस्वीर लेकर जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके अलावा प्रर्दशन में शिया समुदाय के मुसलमानों ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का पोस्टर भी जलाया। प्रर्दशनकारियों ने कहा कि यह उनके लिए ब्लैक डे जैसा है। साथ ही वो नसरल्लाह को श्रद्धांजलि देने और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रर्दशन कर रहे हैं।
शिया समुदाय का मार्गदशक बताया
प्रर्दशन में शामिल लोगों ने यह भी बताया कि चीफ नसरल्लाह उनके लिए मजबूत लीडर और शिया समुदाय के मार्गदर्शक थे। लोगों ने इजरायल पर आरोप लगाया कि इजरायल बेगुनाहों का लहू बहा रहा है। साथ ही लोगों ने बताया कि ISIS के हमलों के दौरान नसरल्लाह ने इमाम अली की बेटी हजरत जैनब के दरगाह की सुरक्षा की थी। लोगों का कहना है कि नसरल्लगाह ने हमेशा फिलिस्तीन के पीड़ितों का साथ दिया। इस घटना का जिम्मेदार इजरायल है।
तीन दिनों तक शोक मनाएगा शिया समुदाय
प्रर्दशन में शामिल हुसैनी टाइगर के सदस्य जरी ने बताया कि शिया समुदाय तीन दिनों तक हसन नसरल्लाह की मौत का शोक मनाएगा। आज हम लोग सड़कों पर उतर कर इजरायल का विरोध कर रहे हैं। इजरायल के प्रधानमंत्री पीड़ितों कि मदद करने वालों पर हमला कर रहा है। प्रर्दशनकारियों ने ये भी कहा कि वो दुनियाभर की 56 मुस्लिम मुल्कों से गुहार लगाते हैं कि एकसाथ आएं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। आगे प्रर्दशनकारियों ने कहा कि वो छतों पर काला झंड़ा लगाकर शोक मनाएंगे और नसरल्लाह को श्रद्धांजलि देंगे। प्रर्दशनकारियों ने मांग की है कि इजरायल फिलिस्तीन और लेबनान के लोगों पर अपनी आक्रामकता पर जल्द से जल्द रोक लगाए।
ईरान क्यों करता है हिजबुल्लाह का समर्थन
इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण मध्य पूर्व में शिया-सुन्नी विवाद है। शियाओं का नेतृत्व ईरान करता है। जबकि सुन्नियों का नेतृत्व सउदी अरब करता है। हिजबुल्लाह शिया ग्रुप का हिस्सा है। इसलिए ईरान हिजबुल्ला का समर्थन करता है।





