नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। झारखंड की राजधानी रांची में भारतीय जनता पार्टी के नेता अनिल टाइगर की हत्या के बाद माहौल गरम हो गया है। उनकी हत्या के विरोध में बीजेपी और ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन AJSU ने 27 मार्च को रांची बंद का आह्वान किया।
कैसे हुई हत्या?
बुधवार, 26 मार्च को रांची के कांके चौक पर बाइक सवार बदमाशों ने बीजेपी नेता अनिल टाइगर पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद स्थानीय लोगों ने उन्हें रांची के रिम्स अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हत्या के विरोध में बीजेपी कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की।
हत्यारे की गिरफ्तारी और जांच जारी
पुलिस ने इस हत्याकांड में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद कर ली है। झारखंड के पुलिस महानिदेशक DGP अनुराग गुप्ता ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन हम अपराधियों को जल्द पकड़ लेंगे।
बाबूलाल मरांडी का सरकार पर हमला
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधी जनप्रतिनिधियों को भी निशाना बना रहे हैं। मुख्यमंत्री को इस घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। रांची में हो रहे प्रदर्शन के दौरान बीजेपी नेता प्रतुल शाहदेव को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इससे बीजेपी कार्यकर्ताओं में और आक्रोश फैल गया।
राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल
बीजेपी और AJSU ने व्यापारियों और आम जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की है। विपक्षी दलों का कहना है कि झारखंड में अपराधी बेखौफ हो चुके हैं और सरकार जनता की सुरक्षा करने में नाकाम साबित हो रही है। झारखंड पुलिस की जांच जारी है, लेकिन इस घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





