नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । मध्य प्रदेश के रतलाम में कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के काफिले पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। यह घटना रविवार को उस वक्त हुई, जब जीतू पटवारी रैली में शामिल होने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि हमला धाकड़ समाज के कुछ लोगों द्वारा किया गया। हालांकि इस हमले में जीतू पटवारी को कोई चोट नहीं आई, लेकिन घटना के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर सीधा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी अब कायराना हथकंडों पर उतर आई है।
कांग्रेस ने दर्ज कराई FIR
जीतू पटवारी के काफिले पर हुए हमले को लेकर अब मामला दर्ज कर लिया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा ने जानकारी दी कि कांग्रेस नेताओं की शिकायत के आधार पर जावरा जिले के पूर्व अध्यक्ष रामविलास धाकड़, मंडल अध्यक्ष अशोक धाकड़ और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमले के दौरान आरोपियों ने काले झंडे दिखाए और काफिले की एक गाड़ी का शीशा तोड़ दिया। घटना के वक्त मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया था, हालांकि समय रहते स्थिति को काबू में कर लिया गया।
जीतू पटवारी ने खुद संभाला मोर्चा
हमले के दौरान स्थिति बिगड़ती देख जीतू पटवारी खुद अपनी गाड़ी से उतरे और भीड़ को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने धाकड़ समाज के खिलाफ कोई भी आपत्तिजनक टिप्पणी नहीं की है। असल में विवाद की जड़ एक पुरानी सभा है, जिसमें पटवारी ने धाकड़ समाज से जुड़े दो विवादित मामलों का जिक्र किया था।
पहला मामला उज्जैन का है, जहां धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय सचिव मनोहरलाल धाकड़ को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने की खबर आई थी। इस घटना के बाद महासभा ने उन्हें पद से हटा दिया था। दूसरा मामला मंदसौर का है, जहां देवीलाल धाकड़ को एक जानवर के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों घटनाओं का हवाला देकर जीतू पटवारी ने एक सभा के दौरान दिया था, जिसके बाद धाकड़ समाज के कुछ वर्गों में नाराजगी देखी गई। हालात तब और बिगड़े जब रतलाम में पटवारी के काफिले पर हमला हुआ, जिसे उन्होंने खुद सामने आकर शांत कराया।
जीतू पटवारी पर हमले को लेकर कांग्रेस का BJP पर आरोप
जीतू पटवारी के काफिले पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर सीधा निशाना साधा है। पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि “बीजेपी के गुंडों ने जीतू पटवारी के काफिले पर जानलेवा हमला किया,” और हैरानी की बात यह है कि बीजेपी का मंडल अध्यक्ष स्वयं इस हमले के दौरान मौके पर मौजूद था। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार जानबूझकर जीतू पटवारी की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रही है और उन्हें खतरे में डाल रही है।
हमले के बाद खुद जीतू पटवारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “बीजेपी सरकार कांग्रेस के बढ़ते जनसमर्थन से घबरा चुकी है और बौखलाहट में कायराना हथकंडे अपना रही है।” उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सीधा संबोधित करते हुए कहा, “अगर मेरी हत्या से मध्य प्रदेश में नशे का कारोबार कम हो सकता है, तो मुझे यह मंजूर है। लेकिन अब इस लड़ाई को मैं हर हाल में लडूंगा।”
कांग्रेस ने बताया लोकतंत्र पर हमला
कांग्रेस ने कहा है कि रतलाम में जीतू पटवारी के काफिले पर हमला सिर्फ एक नेता पर नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है। पार्टी ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि “बीजेपी की गुंडागर्दी से कांग्रेस डरने वाली नहीं है और जनता की आवाज दबाई नहीं जा सकती।” कांग्रेस ने दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन तेज करेगी। पार्टी का कहना है कि यह हमला लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




