नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की ओर से हेल्पलाइन अप्रैल में शुरू की गई थी। अब इसको तीन महीने पूरे हो गए हैं। इस दौरान 4,500 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2,200 एसओएस श्रेणी की शिकायतें मिलीं, जिन पर तत्काल आधार पर ध्यान देने की आवश्यकता थी। इन एसओएस शिकायतों में राशन, चिकित्सा आपात स्थिति, परित्यक्त बच्चों के मामले, कोविड परीक्षण संबंधी शिकायतें थीं। गौरतलब है कि डीसीपीसीआर ने अप्रैल में 24 घंटे हेल्पलाइन 9311551393 शुरू की थी। जिसके जरिए किसी भी मामले की रिपोर्ट करने और बाल अधिकारों को लेकर कोई भी जानकारी ले सकता है। आयोग की टीम ने कहा की उन्होंने इन एसओएस शिकायतों को दूर किया और यह सुनिश्चित किया कि सभी शिकायतों को 24 घंटे के भीतर दूर कर दिया जाए। इन एसओएस शिकायतों में से 85 फीसदी को 24 घंटों के भीतर और 15 फीसदी को 72 घंटों के भीतर दूर कर दिया गया। इसके अलावा, आयोग ने स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों का उपयोग करते हुए हेल्पलाइन की मदद से उन बच्चों की पहचान की जिन्होंने कोविड -19 के कारण अपने माता-पिता को खो दिया है। आयोग ने अभी 2029 बच्चों का पता लगाया है, जिन्होंने कोविड की वजह से माता-पिता को खो दिया है, इनमें से 67 बच्चों ने अपने दोनों माता-पिता को, जबकि 651 बच्चों ने अपनी मां और 1311 बच्चों ने अपने पिता को खो दिया है। इन बच्चों की जानकारी महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ साझा की गई, ताकि उनकी ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा दिल्ली सरकार की योजना में इन बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जा सके। डीसीपीसीआर के अध्यक्ष अनुराग कुंडू ने कहा कि पिछले तीन महीनों में डीसीपीसीआर हेल्पलाइन ने अधिक से अधिक बच्चों और परिवारों तक पहुंचने में काफी सहायता की है। हेल्पलाइन के जरिए आयोग को अधिक सुलभ बनाकर, बच्चों और उनके परिवारों के करीब लाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शुरूआत है। हेल्पलाइन को उपयोगी और विश्वसनीय माध्यम के रूप में मजबूती से स्थापित करने के लिए एक लंबा रास्ता तय करना है। आयोग को इस वित्त वर्ष में लगभग 20 हजार शिकायतें प्राप्त होंगी। यह पिछले 3 वर्षों के औसत के मुकाबले 1300 फीसदी अधिक है और पिछले 12 वर्षों में आयोग को प्राप्त शिकायतों का 2.5 गुना है। इससे पता चलता है कि कैसे डीसीपीसीआर आम नागरिकों के लिए आसानी से उपलब्ध और भरोसेमंद हो गया है। –आईएएनएस जीसीबी/एएनएम




