नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद रेखा गुप्ता सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने विधायकों को मिलने वाले लोकल एरिया डेवलपमेंट (LAD) फंड को 15 करोड़ रुपये से घटाकर अब सिर्फ 5 करोड़ रुपये प्रति वर्ष कर दिया है। इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने इसी फंड को चुनाव से कुछ महीने पहले 10 करोड़ से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये किया था।
शहरी विकास विभाग ने जारी किया आदेश
दिल्ली सरकार के शहरी विकास विभाग की ओर से इस कटौती का आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है। इसमें बताया गया है कि 2 मई 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया था, जिसका अनुपालन अब चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 से होगा।
350 करोड़ का बजट, 70 विधायकों में होगा बंटवारा
भाजपा के एक विधायक ने बताया कि सरकार ने कुल 350 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जिसे दिल्ली के 70 विधायकों में बांटा जाएगा। यानि अब हर विधायक को सिर्फ 5 करोड़ रुपये ही क्षेत्र के विकास के लिए मिलेंगे।
AAP सरकार में हुआ था लगातार इजाफा
पिछले कुछ वर्षों में AAP सरकार ने इस फंड में लगातार बढ़ोतरी की थी: 2021-22 और 2022-23: 4 करोड़ रुपये 2023-24: 7 करोड़ रुपये 2024-25 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये किया था, लेकिन अब BJP की नई सरकार ने इस फंड को सीधा 5 करोड़ रुपये पर ला दिया है। फंड रहेगा ‘अनटाइड’, विधायक मरम्मत और विकास दोनों में कर सकेंगे इस्तेमाल
सरकार ने साफ किया है कि यह “अनटाइड फंड” होगा इसका मतलब है कि विधायक इस फंड का इस्तेमाल किसी भी पूंजीगत कार्य, जैसे सड़क निर्माण, सीवर, स्ट्रीट लाइट आदि के अलावा, सार्वजनिक संपत्तियों की मरम्मत और रखरखाव पर भी कर सकेंगे, वह भी बिना किसी सीमा के।
राजनीतिक बहस के आसार
इस कटौती के फैसले के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल मच सकती है। जहां भाजपा इसे बजट अनुशासन और फंड के विवेकपूर्ण उपयोग का फैसला बता रही है, वहीं विपक्ष इसे विकास कार्यों में बाधा बता सकता है। LAD फंड में यह कटौती सीधे तौर पर जन प्रतिनिधियों की स्थानीय विकास योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। अब देखना होगा कि इसका राजनीतिक और प्रशासनिक असर क्या पड़ता है।




