नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने 28 अगस्त 2024 को एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि वह जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी। महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर में होने वाले विधानसभा के चुनाव को न लड़ने का कारण बताते हुए कहा है कि अगर वह जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री बन भी जाती हैं तो भी वह केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पार्टी के एजेंडे को पूरा नहीं कर पाएंगी।
क्या आप भी उमर अब्दुल्ला की तरह विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से पत्रकारों ने यह सवाल नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव लड़ने के फैसले को लेकर पूछा था। पत्रकारों ने पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती से सवाल किया था कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में चुनाव न लड़ने की बात कही थी, लेकिन अब वो जम्मू कश्मीर में होने वाले विधानसभा के चुनाव को कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने जा रहे हैं। क्या आप भी उमर अब्दुल्ला की तरह जम्मू कश्मीर के विधानसभा का चुनाव लड़ेंगी।
लेकिन क्या हम जम्मू कश्मीर में अपनी पार्टी का एजेंडा लागू कर पाएंगे
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने अपने विरोधी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला के जम्मू कश्मीर में चुनाव लड़ने की बात पर कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने खुद कहा था कि अब जम्मू कश्मीर में जी भी मुख्यमंत्री बनेगा, उसको अपने चपरासी के तबादले तक के लिए भी राज्यपाल के पास जाना होगा। इसके बाद पूर्वमुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उन्हें चपरासी के ट्रांसफर की कोई चिंता नहीं है, लेकिन क्या हम जम्मू कश्मीर में अपनी पार्टी का एजेंडा लागू कर पाएंगे।
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा कि वह भाजपा के साथ गठबंधन करके जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री रही हैं, उन्होंने अपने इस कार्यकाल वर्ष 2016 में 12,000 लोगों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ले ली थी। क्या अब हम इस तरह से कर सकते हैं?





