नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीख सामने आ चुकी है। पीडीपी ने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार करते हुए राज्यसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने इसकी पुष्टि की। जम्मू-कश्मीर की चार राज्यसभा सीटों पर 24 अक्टूबर को चुनाव होंगे।
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने बताया कि, एनसी के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने उनसे समर्थन मांगा था। उन्होंने कहा, “हम फासिस्ट और कम्यूनल ताकतों को किसी भी कीमत पर रोकना चाहते हैं,” जो उनके समर्थन के पीछे मुख्य वजह है।
PDP ने वोट के लिए रखी ये शर्त
महबूबा मुफ्ती ने कहा कि PDP ने नेशनल कॉन्फ्रेंस को वोट शर्तों पर देने का फैसला किया है। शर्त यह है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस उनकी पार्टी के लैंड रेगुलराइजेशन बिल (Land Regularisation Bill) का विधानसभा में समर्थन करे, जिसमें आदिवासियों और होटलों का प्रावधान है। फारूक अब्दुल्ला भी इस पर राजी हो चुके हैं।
लैंड रेगुलराइजेशन का बिल
PDP चीफ महबूबा मुफ्ती ने कहा कि लैंड रेगुलराइजेशन बिल बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि देशभर में बुलडोजर की कार्रवाई हुई है, और यहां भी कई जगहों पर बुलडोजर चले। 2019 के बाद से गरीब लोगों के सिर पर सरकारी लैंड पर घरों को लेकर तलवार लटक रही है, जिसे हटाना आवश्यक है।
PDP का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की हिफाजत करना- महबूबा मुफ्ती
महबूबा मुफ्ती ने बताया कि अनुच्छेद 370 का असली मुद्दा जम्मू-कश्मीर की जमीन की सुरक्षा है। गरीबों के मकानों को रेगुलराइज करना जरूरी है। उन्होंने फारूक अब्दुल्ला से बिल पारित कराने को कहा, क्योंकि नेशनल कॉन्फ्रेंस के पास बहुमत और स्पीकर है। PDP का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की हिफाजत है।
डेली वेजेज बिल पर क्या बोली महबूबा मुफ्ती
महबूबा मुफ्ती ने बताया कि दूसरा महत्वपूर्ण बिल डेली वेजर्स (Daily Wagers) से जुड़ा है, जिनमें कई गरीब लोग कम वेतन पर काम करते हैं या सैलरी नहीं पाते। PDP ने इन दोनों बिलों के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस पर भरोसा जताया है।





