नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस पार्टी का 84वां अधिवेशन आयोजित हुआ, जिसमें देशभर से 1700 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। अधिवेशन के दूसरे दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला।
“सरकार कर रही है मनमानी” – खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार संसद में मनमानी तरीके से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान संसद देर रात तक चली, लेकिन जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए समय नहीं मिला। उन्होंने लोकसभा स्पीकर पर भी सवाल उठाए कि राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया, जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है। खरगे ने कहा, “अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन मोदी जी देश की सारी संपत्तियां बेचकर चले जाएंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि एयरपोर्ट, माइनिंग, मीडिया हाउस और टेलीकॉम जैसे क्षेत्र उद्योगपतियों को सौंपे जा रहे हैं, जिससे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।
“ईवीएम के जरिए हो रहा है फ्रॉड”
कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनावी प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज भी ईवीएम का इस्तेमाल किया जा रहा है जबकि कई विकसित देश बैलट पेपर पर लौट रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह तकनीक सिर्फ एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए बनाई गई है। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार विपक्ष शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्यों को फंड नहीं दिया जा रहा, नरेगा जैसी योजनाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
“मोदी सरकार में लोकतंत्र खतरे में”
खरगे ने कहा कि महाराष्ट्र में जो हुआ, वह लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियां हुई हैं और चुनाव में धांधली हो रही है।
“गरीबी और दलितों के मुद्दे पर सरकार फेल”
पीएम मोदी पर तंज कसते हुए खरगे ने कहा कि वे 11 साल से प्रधानमंत्री और 13 साल मुख्यमंत्री रहे, लेकिन गरीबी नहीं हटी। उन्होंने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक दलित को मंदिर में जाने के बाद “गंगाजल” से शुद्ध किया गया – जो बताता है कि सामाजिक भेदभाव अब भी जिंदा है। खरगे ने बीजेपी के उस दावे को भी चुनौती दी जिसमें कहा जाता है कि देश का असली विकास 2014 के बाद शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि गांधीनगर जैसा मॉडर्न शहर कांग्रेस सरकार में बना था, और कई अहम प्रोजेक्ट कांग्रेस के कार्यकाल में पूरे हुए।





