नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। यूपी के मेरठ में मर्चेंट नेवी के सौरभ राजपूत की मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है। इस मामले में आरोपी मुस्कान के माता-पिता ने अपनी बेटी के लिए फांसी की मांग की है। उनका कहना है कि सौरभ उनकी बेटी को बहुत प्यार करता था, उनकी बेटी ही बदतमीज़ निकली। मुस्कान के पिता ने लाइव फांसी की भी मांग कर दी, ताकि समाज के सामने एक मिसाल कायम हो।
बेटी दो साल से ड्रग्स ले रही थी
मेरठ के थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र के इंदिरा नगर में रहने वाला सौरभ बेटी का बर्थडे मनाने के लिए लंदन से लौटा था। तब पत्नी मुस्कान ने बॉयफ्रेंड साहिल के साथ मिलकर बेरहमी से उसे मौत के घाट उतार दिया था। फिर अपने पति की लाश के 15 टुकड़े करने के बाद उन टुकड़ों को एक ड्रम में बंद करके अपने ही घर में छुपा दिया। इतना ही नहीं इसके बाद वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ मनाली घूमने भी चली गई। मुस्कान की इस करतूत की जानकारी उसके ही माता-पिता ने पुलिस को दी। उन्होंने बेटी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग भी की है। मुस्कान के पिता ने बताया कि उनकी बेटी पिछले दो सालों से ड्रग्स ले रही थी। उन्होंने बताया कि साहिल शुक्ला ने उसे नशे का आदि बना दिया था, उसकी संगत में आने के बाद मुस्कान का वज़न 10 किलो कम हो गया था।
दामाद सौरभ बहुत अच्छा इंसान था
मां कविता और पिता प्रमोद रस्तोगी ने पुलिस को बताया कि उनका दामाद सौरभ बहुत अच्छा इंसान था। वह मुस्कान से एकतरफा प्यार करता था। उसके लिए उसने अपनी नौकरी और परिवार दोनों छोड़ दिया था। उसने अपने पिता की करोड़ों की संपत्ति भी मुस्कान की खातिर ठुकरा दी थी। उसके बाद भी साहिल शुक्ला के चक्कर में पड़ गई।
मां ने सुनाई पूरी कहानी
मुस्कान की मां कविता रस्तोगी ने पुलिस को पूरी कहानी सुनाते हुए बताया- मुस्कान का फोन आया था, तब वह फोन पर रो रही थी। मैंने उसे घर आने के लिए कहा और वह अगले दिन घर आई। मैंने पूछा कि सौरभ कहां है? तो चुप हो गई। फिर बोली कि उसका मर्डर हो गया है। उसके घरवालों ने उसे मार दिया क्योंकि वो मुस्कान को छोड़ने को तैयार नहीं था। मुस्कान की मां को उस पर भरोसा नहीं हुआ, तो उन्होंने जोर देकर पूछा कि सच बता दे। इसके बाद उसके पिता ने उसे भरोसे में लिया कि जो भी है वो उसका साथ देंगे, तब उसने पूरी बात बता दी। इसके बाद मुस्कान के माता-पिता ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
बेटी को फांसी पर चढ़ा दो
मां कविता ने आगे कहा- मैं यही कहना चाहती हूं कि सौरभ को न्याय मिले। मैं यह दिखावे के लिए नहीं कह रही हूं। हमारा भी एक बेटा है। दूसरे घर का बच्चा गया है। यह मेरे भगवान को पता है, मेरे बच्चों को पता है। मैं यह सिर्फ इसलिए कह रही हूं कि सौरभ जानते हैं कि हम उनकी बहुत इज्जत करते थे और वो भी हमारी बहुत इज्जत करता था। मेरी बेटी को फांसी पर चढ़ा दो, मेरे दामाद तो देवता थे लेकिन बेटी ही डायन निकली।





