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Saturday, March 28, 2026
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दिल्ली में चलेगा यूपी मॉडल, कांवड़ यात्रा के दौरान मीट की दुकानें रहेंगी बंद, जानें क्‍या है सरकार की तैयारी?

कांवड़ यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए दिल्ली में भी मांस-मछली की दुकानों को बंद करने की तैयारी है। मंत्री कपिल मिश्रा ने मीट दुकानों को बंद करने की बात कही है।

नई दिल्‍ली / रफ्तार डेस्‍क । 11 जुलाई से शुरू हो रही कांवड़ यात्रा के मद्देनजर मीट और मछली की दुकानों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश में पहले ही 10 जुलाई से कांवड़ मार्गों पर मीट की दुकानों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। अब दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने भी स्पष्ट किया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान यहां मीट की दुकानें बंद रहेंगी।

कपिल मिश्रा का कहना है कि दिल्ली में मौजूद अधिकांश मीट की दुकानें गैरकानूनी हैं और कांवड़ यात्रा के दौरान इन्हें खुला नहीं रखा जा सकता। हालांकि दिल्ली पुलिस ने अभी तक कांवड़ यात्रा के रूट का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है, लेकिन राजधानी के लगभग सभी इलाकों से कांवड़िये निकलते हैं, जिनकी संख्या इलाके के हिसाब से कहीं ज्‍यादा तो कहीं कम होती है।

पूरा महीना कमाई पर गहरा असर पड़ेगा

दुकानदारों के बीच चिंता और उलझन छाई हुई है। अभी तक उन्हें कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और पहले भी ऐसा कोई निर्देश जारी नहीं हुआ था। दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मीट की कई दुकानें हैं, जहां कच्चा और पका हुआ मीट उपलब्ध होता है। दुकानदारों का कहना है कि अगर सरकार से कोई नया आदेश आता है तो वे अपनी दुकानें बंद करने को मजबूर हो जाएंगे, जिससे उनकी महीने भर की आमदनी प्रभावित होगी।

गाजीपुर मीट मंडी भी हो सकती है बंद

दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित गाजीपुर मीट मंडी, जो NCR की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है, यहां से न केवल दिल्ली बल्कि नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद जैसे आसपास के शहरों में मांस की आपूर्ति होती है। वहीं, इसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर कांवड़ यात्रा की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं। हजारों कांवड़ यात्री इस मार्ग से होकर गुजरते हैं, और मीट मंडी इसी हाईवे के बगल में स्थित है। ऐसे में मंडी के बंद होने से क्षेत्र में व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

‘मीट की दुकानें अवैध नहीं, नगर निगम के अधीन हैं’

दुकानदार इस संभावित कदम से खफा हैं और कहना हैं कि उनकी दुकानें अवैध नहीं हैं, बल्कि ये नगर निगम के अंतर्गत पूरी तरह से वैध हैं। इसके बावजूद, उन्हें सरकार की ओर से किसी भी समय दुकानें बंद कराने का खतरा बना हुआ महसूस होता है। अभी तक कोई आधिकारिक लिखित आदेश नहीं मिला है, लेकिन अनिश्चितता और भय की स्थिति बनी हुई है।

चेंबर ऑफ इंडियन इंडस्ट्री का समर्थन

दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को व्यापारिक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ है। चेंबर ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के प्रमुख ब्रजेश गोयल ने कहा कि 13 दिनों का व्यापारिक नुकसान सहन किया जा सकता है, लेकिन करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कांवड़ मार्ग के आसपास मांस की दुकानों को बंद रखना आवश्यक है।

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