नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। बिहार में दो बड़े नेता जाति की राजनीति में उतर आए हैं। दोनों ही बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इनमे से एक हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा(HAM) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी हैं और दूसरे RJD के मुखिया लालू प्रसाद यादव हैं। दरअसल केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लालू प्रसाद यादव की जाति पर सवाल उठाते हुए उन्हें यादव की जगह गड़ेरिया बताया। लालू यादव ने भी इसका जवाब देते हुए कहा कि ऊ मुसहर हैं क्या?
मांझी की एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ ये मामला
दरअसल ये मामला केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के 19 सितंबर 2024 की सोशल मीडिया एक्स की एक पोस्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमे उन्होंने लिखा, “विपक्षी दलों के गुंडे हमारे घर,दरवाजों को तोड़ सकते हैं पर हमारे लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकते। घर जलाने वाले लोगों के संरक्षक लालू पाल(गरेड़ी) जी आप राजनीति के लिए अपनी जाति छुपा सकतें हैं पर हम नहीं। हम गर्व से कहतें हैं “हम मुसहर हैं” लालू जी में हिम्मत है तो वह भी कहकर दिखाएं कि हम गरेड़ी हैं। लालू जी! पुरे बिहार में दलितों के जमीन पर और मुसलमानों के क़ब्रिस्तानों पर किस पार्टी के समर्थकों का क़ब्जा रहा है यह सबको पता है। आपने और आपके लोगों ने बहुत दबा लिया हम लोगों को,अब करारा जवाब मिलेगा।”
उन्हें प्यार से जीतन राम शर्मा बुलाते हैं: तेजस्वी यादव
जीतन राम मांझी के इस पोस्ट के बाद तेजस्वी यादव ने भी जीतन राम मांझी पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का नाम मांझी जी है, लेकिन लोग उन्हें प्यार से जीतन राम शर्मा बुलाते हैं। इसके बाद जब मीडिया ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी से उनके लालू परिवार पर लगाए आरोपों के बारे में पूछा तो जीतन राम मांझी ने सीधे तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। जीतन राम मांझी ने कहा कि ये लोग पढ़े नहीं हैं, मेरा बेटा PHD है और प्रोफेसर है। हमने भी बीए ऑनर्स किया हुआ है। उनके पास क्या डिग्री है वो बताएं? इसके बाद जीतन राम मांझी ने कहा कि अगर वह(तेजस्वी यादव) हमें शर्मा कहते हैं तो वह अपने पिताजी के बारे में बताएं कि उनके पिताजी जी किसके जन्मे हुए हैं। गड़ेरिया के जन्मे हुए हैं। वो गड़ेरिया हैं यादव नहीं।’





