नई दिल्ली/रफ्तार डेस्क। बिहार कैडर के मशहूर IPS अधिकारी और सिंघम के नाम से चर्चित शिवदीप लांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। वो पूर्णिया रेंज के IG के पद पर कार्यरत थे। इसकी जानकारी उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से दी है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार उनकी कर्मभूमि रही है। वो बिहार में ही रहेंगे और बिहार में ही कार्य करेंगे।
मीडिया में सिंघम के नाम से हैं मशहूर
बता दें कि, शिवदीप लांडे को लोग सुपरकॉप के तौर पर जानते हैं। तो वहीं मीडिया में वो सिंघम के नाम से मशहूर हैं। उन्होंने अपनी कार्यशैली से बिहार की जनता के दिलों में विशेष छाप छोड़ी है। आइये हम आपको बताते हैं कि शिवदीप लांडे को सिंघम क्यों कहा जाता है, लेकिन उससे पहले एक नजर उनके करियर के बारे में जानते हैं।
2006 बैच के IPS हैं शिवदीप लांडे
दरअसल शिवदीप लांडे का पूरा नाम शिवदीप वामनराव लांडे है और वो 2006 बैच के IPS हैं। उनकी पहली पोस्टिंग बिहार के नक्सल प्रभावित जिले मुंगेर के जमालपुर इलाके में हुई थी। पटना में जब उनकी एसपी के तौर पर तैनाती हुई तो उनकी अनोखी कार्यशैली की वजह से वो पूरे राज्य में मशहूर हो गए। उन्होंने पटना में अपराध को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। अपराधियों पर कहर बनकर टूटने की वजह से बिहार में वो मशहूर हो गए। उन्होंने बिहार के कई अलग-अलग जिलों में सेवाएं दी और इस दौरान कई मशहूर कारनामों को अंजाम दिया। उन्होंने पटना में लगभग 10 महीने सेवाएं दी और इसी दौरान उन्होंने नकली कॉस्मेटिक उत्पाद विक्रेताओं सहित कई बड़े दवा माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की।
सरहसा में डॉक्टरों की बचाई जान
सहरसा जिले में डॉक्टरों के लिए एक अपराधी आतंक का पर्याय बन चुका था। सहरसा जिले में आते ही सिंघम शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाले STF ने उसे पकड़ लिया। सहरसा में उन्होंने अजीबोगरीब तरीके से अपराधियों को दबोचा। वे कभी दुपट्टा ओढ़कर आरोपियों को पकड़ते तो कभी बिना हेलमेट के बाइक चला रहे लोगों के सामने खड़े हो जाते। बिना लाइसेंस शराब की दुकानें चला रहे दुकानदारों को भी उन्होंने बड़े ही बहादुरी से पकड़ा। उनके इसी अंदाज की वजह से लोग उन्हें सिंघम से नाम से जानने लगे।
पटना में लड़कियों को दिया था अपना पर्सनल नंबर
बिहार की राजधानी में उन दिनों मनचलों और शोहदों से लड़कियां परेशान थीं। जब पटना में उनकी पोस्टिंग हुई तो अपराधयों पर वो कहर बनकर टूट पड़े। उन्होंने लफंगों पर लगाम लगाने के लिए बेहद सख्त इंतजाम किए। जिसकी वजह से पटना के स्कूल और कॉलेजों में उनकी छवि एक हीरो के रूप में बन गई थी। मनचलों को सबक सिखाने के लिए उन्होंने लड़कियों को अपना निजी मोबाइल नंबर बांट दिया था। जिसका परिणाम ये हुआ कि पटना की सड़कें लफंगों से खाली हो गईं।
सासाराम में खनन माफियाओं पर कहर बनकर टूटे थे लांडे
शिवदीप लांडे को जब रोहतास जिले का एसपी बनाकर भेजा गया तब उन्होंने खनन माफियाओं से जमकर लोहा लिया। उन्होंने माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। इसी तरह एक बार शिवदीप लांडे खनन माफियाओं पर छापेमारी करने गए थे, तब उनपर फायरिंग हो गई। करीब 30 राउंड फायरिंग की गई। इसके बाद शिवदीप लांडे ने खुद मोर्चा संभालते हुए अवैध खनन के सारे जुगाड़ों को तहस-नहस कर दिया। इस मामले में करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
पटना में एक अरबपति कारोबारी के अवैध कारोबार पर चलाया था डंडा
शिवदीप लांडे को पटना में एक बड़े कॉस्मेटिक उत्पाद की दुकान पर नकली सामान बेचे जाने की जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए दुकान से नकली सामानों को पकड़ा। ये दुकान बिहार के एक बड़े कारोबारी की थी। जिसकी सत्ता में भी जबरदस्त धमक थी। फिर भी शिवदीप लांडे ने उसके अवैध कारोबार पर बुलडोजर चला दिया। इसके बाद शिवदीप लांडे को डराने की कई कोशिशें की गई। उनपर हमले भी किए गए। हालांकि वो इन हमलों में बाल-बाल बच गए थे। हालांकि राजनीतिक दबाव के चलते शिवदीप लांडे को अररिया जिले में ट्रांसफर कर दिया गया।
हालांकि अब शिवदीप लांडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद लगातार ये चर्चाएं चल रही हैं कि क्या वो राजनीति में जाने वाले हैं।अब ये समय के गर्भ में है कि उनका अगला कदम क्या होगा। लेकिन उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में बताया है कि वो बिहार में ही रहेंगे और यहीं सेवा करेंगे।





