नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहावमा की आई एक टिप्पणी पर मणिपुर सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मिजोरम के मुख्यमंत्री ने हाल ही में मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा था कि राष्ट्रपति शासन उनके प्रशासन से बेहतर होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बीरेन सिंह BJP के लिए बोझ बन गये हैं। इन टिप्पणियों के बाद मणिपुर सरकार ने लालदुहावमा पर पलटवार किया है। अपनी बात रखते हुए मणिपुर से ये संदेश दिया गया है कि वे मिजोरम के मुख्यमंत्री को एक अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार करना चाहिए और घृणास्पद टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए।
भारत से सटे क्षेत्रों के भीतर ईसाई देश बनाने का चल रहा है षड्यंत्र
इसके साथ ही मणिपुर सरकार ने भारत, म्यांमार और बांग्लादेश से सटे क्षेत्र के भीतर कुकी-चीनी ईसाई देश बनाने की उनकी लम्बे समय से चली आ रही षड्यंत्रकारी योजनाओं से सावधान रहने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही मणिपुर सरकार ने यह भी कहा कि लालदुहावमा को एक अच्छा राजनेता बनने की कोशिश करनी चाहिए और अपनी टिप्पणियों के जरिए नफरत और विभाजन नहीं फैलाना चाहिए। दूसरी ओर मणिपुर में हिंसा के कारण मिजोरम और मणिपुर के सांसदों के बीच तीखी बहस होते हुए भी पिछले दिनों दिखी है।
मिजोरम के सांसद के. बानालालवेना ने मैताई और कुकी समुदायों के लिए एक अलग प्रशासन की स्थापना की वकालत की, जिससे मणिपुर के सांसद नाराज हो गए। मणिपुर के राज्यसभा सदस्य लीशेम्बा सनाजाओबा ने मिजोरम के सांसद से कहा कि उन्हें मणिपुर के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए और खुद को राज्य के मुद्दों तक ही सीमित रखना चाहिए।
मणिपुर हिंसा में अब तक मारे जा चुके है 250 से अधिक लोग
उल्लेखनीय है कि मणिपुर में एक साल से अधिक समय से हिंसा जारी है, जिसमें कि अब तक कई हजार करोड़ की सरकारी संपत्ति का नुकसान हो चुका है। वहीं, मणिपुर में एक साल से अधिक समय से जारी हिंसा के दौरान 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। मिजोरम के सांसद बानालालवेना ने हिंसा के त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रपति शासन लगाने का आह्वान किया है, जिसका कि मणिपुर के नेताओं द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है ।




