नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । पश्चिम बंगाल की शिक्षक भर्ती घोटाले में घिरने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद ममता बनर्जी फैसले से काफी नाराज है। इस फैसले पर सोमवार (7 अप्रैल 2025) को अपनी प्रतिक्रिया दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य के 25,753 शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी थीं। इसके साथ ही कोर्ट ने उन उम्मीदवारों से उनकी सैलरी भी वापस करने को कहा था, जिनकी नियुक्ति को धांधली बताया गया है।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने शिक्षक भर्ती के मामले पर आए सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश की कड़ी आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाती हुई CM बनर्जी ने कहा, ‘जब तक मैं जिंदा हूं, कोई भी योग्य शिक्षक अपनी नौकरी नहीं खोएगा।’ यह बयान उन्होंने उन शिक्षकों के पक्ष में दिया, जिनकी नियुक्ति भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते रद्द की गई है।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि वो इस मामले में पूरी तरह से साथ खड़ी है और किसी भी हालत में योग्य शिक्षकों की नौकरी बची रहे हम इसके लिए जिम्मेदारी है। हम हर प्रयास को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
‘जेल भेजी जा सकती हूं, फिर भी बोलूंगी’
ममता बनर्जी ने इस मसले पर चिंता जताते हुए कहा हा, ‘कोर्ट के इस निर्णय से मै बहुत दुखी हूं मुझे पता है अगर मै इस मामले पर ज्यादा कुछ बोलूंगी तो मुझे जेल भेजा जा सकता है, लेकिन मैं डरने वालों में से नहीं हूं। अगर कोई मुझे चुनौती देगा, तो मुझे उसका जवाब देना आता है।’ उन्होंने आगे कहा कि योग्या शिक्षकों उनका अधिकार दिलाएंगे।
NEET परीक्षा क्यों नही होती रद्द?
सीएम ने यह भी सवाल किया कि कोर्ट को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कौन योग्य है और कौन नहीं। उन्होंने कहा, ‘किसी को भी शिक्षा व्यवस्था को तोड़ने का अधिकार नहीं है।’ NEET परीक्षा में भी कई आरोप लगे थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे रद्द नहीं किया। उन्होंने यह भी पूछा, ‘बंगाल को क्यों निशाना बनाया जा रहा है? क्या बंगाल की प्रतिभा से लोग डरते हैं?’




