नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क । महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले में सोमवार (27 सितंबर) की सुबह सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी, जिससे माहौल गंभीर हो गया। ‘आई लव मोहम्मद ‘ पोस्टर विवाद के बीच आरोप है कि अहिल्यानगर के मालीवाड़ा क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों ने पैगंबर मोहम्मद का नाम जमीन पर लिख दिया था, जिससे तनाव और बढ़ गया।
‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर से शुरू हुआ विवाद अब देश में बढ़ता ही जा रहा है। यूपी के बरेली, कानपुर, के बाद महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के मालीवाड़ा क्षेत्र में कुछ अज्ञात लोगों द्वारा पैगंबर मोहम्मद का नाम जमीन पर लिखे जाने की खबर ने तनाव और बढ़ा दिया। इस घटना से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और उन्होंने भारी विरोध प्रदर्शन किया।
जनता से पुलिस की खास अपील
नाराज मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग शहर के कोतवाली पुलिस स्टेशन के सामने प्रदर्शन करने पहुंचे। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। कड़ी कार्रवाई के बाद इलाके में शांति बहाल हो गई है। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पुलिस ने जनता से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है। इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है।
फिलहाल, इलाके में तनावपूर्ण शांति
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में मुस्लिम समुदाय का गुस्सा छत्रपति संभाजी राजमार्ग पर ‘रास्ता रोको आंदोलन’ के रूप में सामने आया। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी को लेकर नाराज प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम किया। कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया, और फिलहाल शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
”दोषियों पर की जाएगी कार्रवाई”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अहिल्यानगर हिंसा पर बयान देते हुए कहा, “अहिल्यानगर में जो घटना हुई, ऐसा लगता है कि यह एक साजिश है। राज्य में तनाव और शांति भंग करने की कोशिश की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “जो तरह के बोर्ड लगाए जा रहे हैं, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि सामाजिक तानाबाना बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। चुनाव के समय भी राज्य की शांति भंग करने और पोलराइजेशन फैलाने का प्रयास किया गया था।”
सीएम फडणवीस ने कहा कि, इस मामले की जांच की जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि कौन प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है। दोषी पाए जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।





