पूर्व पीएम नजीब रजाक पर लगा डॉलर हेराफेरी का आरोप, कहा- फैसले के खिलाफ करेंगे अपील कुआलालंपुर। मलेशिया की एक अदालत ने 1एमडीबी से जुड़े मामलों में अपने पहले फैसले में पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को दोषी ठहराया है। नजीब को 1एमडीबी की पूर्व इकाई से उनके व्यक्तिगत खातों में जमा किए गए 42 मिलियन रिंगिट ($10 मिलियन) के मामले में सत्ता के दुरुपयोग के आरोप में मंगलवार को दोषी करार दिया गया है। नजीब के खिलाफ अन्य आरोपों पर फैसला अभी भी कुआलालंपुर की अदालत में पढ़ा जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह फैसलों के खिलाफ अपील करेंगे। फार्मा सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दिशानिर्देश जारी, चीन को मिलेगा एक और झटका बता दें कि अभियोजन पक्ष ने अगस्त में सारे सबूत अदालत में पेश कर दिए थे। मामला निवेश कोष 1एमडीबी से 2009-2014 के बीच करोड़ों डॉलर के हेरफेर की जांच से जुड़ा है। इन पैसों को यॉच से लेकर महंगी कलाकृति खरीदने तक पर खर्च किया गया। मामले में पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक के छोटे भाई नजीर रजाक भी आरोपी हैं। नजीर मलेशिया के दूसरे सबसे बड़े बैंक सीआईएमबी ग्रुप होल्डिंग्स के चेयरमैन थे। दिसंबर 2018 में उन्होंने बैंक छोड़ दिया था। इन लोगों और इकाइयों पर नजीब से जुड़े खाते के जरिए 1एमडीबी से पैसे निकालने का आरोप है। यूपी सरकार ने दिए 8 साल में करोड़पति बने जय वाजपेयी की संपत्तियों की जांच के आदेश मामला इतना बड़ा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नजीब को सत्ता से हटने के बाद पिछले साल गिरफ्तार किया गया था और इस घोटाले से जुड़े दर्जनों आरोप लगाए गए थे। भ्रष्टाचार के प्रत्येक आरोप में अधिकतम 20 साल की कैद हो सकती है और प्रत्येक धनशोधन मामले में 15 साल तक की सजा मिल सकती है। Thank You, Like our Facebook Page – @24GhanteUpdate 24 Ghante Online | Latest Hindi News-24ghanteonline.com




