नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। शहर के अब तक के सबसे बड़े कोविड प्रकोप के बीच शंघाई में लॉकडाउन के दौरान कुछ निवासियों का कहना है कि उनके पास भोजन की कमी हो गई है। निवासियों को अपने घरों तक सीमित कर दिया गया है। किराने की खरीदारी जैसे आवश्यक कारणों से भी जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। चीन के सबसे बड़े शहर में गुरुवार को लगभग 20,000 मामले दर्ज किए गए, जो एक और रिकॉर्ड है। अधिकारियों ने माना है कि शहर कठिनाइयों का सामना कर रहा है, लेकिन वे इसे सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन जनता के गुस्से को दूसरी बातों को लेकर भी भड़काया जा रहा है – जैसा कि संक्रमित बच्चों को उनके माता-पिता से दूर रहना होगा। शंघाई के अधिकारियों ने बाद में उन माता-पिता को अनुमति देकर जवाब दिया, जो अपने बच्चों के साथ क्वारंटीन सेंटर में संक्रमित थे। शहर ने हर मामले की पहचान करने और उसे आइसोलेट करने के लिए बुधवार को अनिवार्य सामूहिक टेस्ट का एक और दौर शुरू किया। बीबीसी ने बताया कि पॉजिटिव टेस्ट करने वाले शंघाई निवासी अपने घरों में खुद को आइसोलेट नहीं कर सकते, भले ही उनके लक्षण हल्के हों। जब ओमिक्रॉन पहली बार एक महीने पहले शंघाई में फैला, तो शहर ने केवल कुछ कंपाउंड को ही छोड़ दिया। फिर जैसे ही वायरस फैला, अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एक चौंका देने वाला लॉकडाउन लागू किया, जहां शहर दो में विभाजित हो गया और आधे में कुछ और, और आधे के अलग-अलग उपाय थे। सोमवार को ढाई करोड़ की आबादी वाले पूरे शहर को कवर करने के लिए लॉकडाउन को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया गया। –आईएएनएस एचके/एसकेपी




