नई दिल्ली, रफ्तार डेस्क। उत्तरप्रदेश के कासगंज के बहुचर्चित हत्याकांड में आज एक ऐतिहासिक फैसला आया है जिसमें 28 आरोपी को NIA की स्पेशल कोर्ट ने दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चंदन गुप्ता हत्याकांड में सभी 28 आरोपियों को सजा मिली है, यह फैसला 6 साल 11 महीने 7 दिन के लंबे इंतजार के बाद आज सुनाया गया। मामला लखनऊ की NIA स्पेशल कोर्ट में चल रहा था जो की आज कोर्ट का अंतिम और आखिरी निर्णय में सभी आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। गुरुवार को कोर्ट ने 28 आरोपियों को दोषी करार दिया था। जबकि दो आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
बता दें कि, यूपी के कासगंज में चंदन गुप्ता हत्याकांड के बाद शहर में जबरदस्त तनाव देखने को मिला था। जगह-जगह तोड़फोड़-आगजनी की घटना सामने आई थी। कई जगहों पर पथराव किया गया था। इस बहुचर्चित कांड ने पूरे देश की राजनीति को हिला कर रख दिया था। आज इस हत्याकांड के आरोपियों को सख्त सजा सुनाई गई। लखनऊ की NIA स्पेशल कोर्ट ने आज अपना फैसला दिया है। ऐसे में कोर्ट के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। कासगंज में भी पुलिस चौकन्नी है।
हिंसा की आग में जल उठा था कासगंज
इस कांड के बाद पूरे प्रदेश में तनाव का माहौल पैदा हो गया था। कासगंज सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आ गया और शहर में तनाव बना रहा। इस मामले में पुलिस ने कांड के मुख्य आरोपी तीन भाइयों वसीम, नसीम, सलीम के साथ ही 100 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें अरेस्ट किया था। हालांकि, बाद में कई लोग छूट गए। लगभग 6 साल चली इस लंबी न्यायिक प्रक्रिया में कानूनी लड़ाई लड़ने में पीडित के पिता ने हार नहीं मानी और आखिरी लड़ाई तक अपने आप को एक मजबूत पिता के तौर पर खड़े रखा। आज फैसला उनके पक्ष में आया है। वहीं, घटना के बाद सरकार की ओर से चंदन गुप्ता के नाम पर कासगंज में एक चौक बनाने का ऐलान किया गया था।
इन दोषियों को मिली सजा
लखनऊ जेल में बंद 28 दोषी वसीम जावेद उर्फ वसीम, नसीम जावेद, मोहम्मद जाहिद कुरैशी उर्फ जाहिद उर्फ जग्गा, आसिफ कुरेशी उर्फ हिटलर, असलम कुरैशी, अकरम, तौफीक, खिल्लन, शवाब अली खान, राहत, सलमान, मोहसिन, आसिफ जिमवाला, साकिब, बबलू, निशु उर्फ जीशान, वासिफ, इमरान, शमशाद, जफर, साकिर, खालिद परवेज, फैजान, इमरान, साकिर, मोहम्मद आमिर रफी, कासगंज जेल में बंद मुनाजिर और कोर्ट में सरेंडर हुए सलीम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इन सभी को आईपीसी की धारा 147, 148, 307/149, 302/149, 341, 336, 504, 506 के तहत दोषी ठहराया है।
क्या बोले चंदन के पिता?
कासगंज मामले में कानूनी की इस लंबी लड़ाई में चंदन के पिता ने कोर्ट के फैसले का पर आभार माना और कहा कि, न्याय से हम संतुष्ट है। जज और सभी लोगों को हम नमन करते हुए आभार व्यक्त करते हैं। न्यायालय ने हमारा साथ दिया है। कोर्ट और वकीलों ने पूरा साथ दिया।
26 जनवरी 2018 को चंदन को मारी थी गोली
कांसगंज के चन्दन गुप्ता की हत्या 26 जनवरी 2018 को हुई थी। कासगंज शहर में तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पथराव फिर फायरिंग की गई थी। जिसमे चन्दन गुप्ता की गोली लगने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद कासगंज में हिंसा भड़क उठी थी और तीन दिन तक कर्फ्यू लगा था। जिसके बाद मामले की जांच SIT को सौंपी गई थी।





