नई दिल्ली,रफ्तार डेस्क। साल 2017 के चर्चित उन्नाव रेप केस में दोषी करार दिए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद एक बार फिर पीड़िता और उसके परिवार का दर्द सामने आ गया है। कोर्ट द्वारा सजा सस्पेंड कर बेल दिए जाने से पीड़िता पूरी तरह टूट गई है। उसने अपनी और अपने गवाहों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है और कहा है कि उसकी जान को खतरा है।
मां की बेबसी, चाचा का छलका दर्द
पीड़िता की मां ने भी इंसाफ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें न्याय की कोई उम्मीद नहीं बची है। मां का दर्द छलकते हुए बोलीं,“मेरे देवर को बिना किसी जुर्म के 10 साल से जेल में रखा गया है और एक बलात्कारी को बेल मिल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में दो बार चोरी कराई गई, गुंडे भेजे गए और बच्चों की जान लगातार खतरे में है।
क्या है पूरा उन्नाव रेप मामला?
यह मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से करीब 66 किलोमीटर दूर उन्नाव का है। 2017 में नाबालिग लड़की के साथ रेप का आरोप कुलदीप सिंह सेंगर पर लगा। मामला सामने आने में करीब 10 महीने लग गए। इस दौरान पीड़िता के पिता पर हमला हुआ, उन्हें जेल भेजा गया और हिरासत में उनकी रहस्यमय मौत हो गई। इसके बाद रेप, अपहरण, धमकी और POCSO एक्ट के तहत सेंगर के खिलाफ केस दर्ज हुआ। ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद और 25 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने सजा सस्पेंड करते हुए कुछ शर्तें लगाई हैं सेंगर दिल्ली में ही रहेंगे सर्वाइवर के 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएंगे हर सोमवार पुलिस के सामने हाजिरी देंगे,और शर्त तोड़ने पर बेल रद्द होगी सुप्रीम कोर्ट से आखिरी उम्मीद इतने दर्द और डर के बावजूद पीड़िता ने हार नहीं मानी है। उसने साफ कहा है कि वह इस बेल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी। पीड़िता और उसकी मां का कहना है कि वे बेटियों के न्याय के लिए आखिरी सांस तक लड़ेंगी और पीछे नहीं हटेंगी।
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