नई दिल्ली / रफ्तार डेस्क । केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना सभी का अधिकार है, लेकिन इस प्रक्रिया में देश की छवि को नुकसान पहुंचाना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच एक स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उनका यह बयान टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क से जुड़ी एक हालिया पोस्ट के संदर्भ में सामने आया है, जिस पर उन्होंने खुशी जताई है। दरअसल, एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उन्होंने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में करीब 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।
क्या बोले किरेन रिजिजू ?
किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वे आमतौर पर विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार एलन मस्क की बात का उल्लेख इसलिए कर रहे हैं ताकि राहुल गांधी को एक बात समझाई जा सके। किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र का अहम हिस्सा है, लेकिन इसके नाम पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाना या देश की उपलब्धियों को कम करके दिखाना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के तौर पर हमें अपने देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व करना चाहिए।
रिजिजू का बयान क्यों माना जा रहा अहम
किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया को खास इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंबे समय से बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इससे पहले राहुल गांधी भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर “डेड इकोनॉमी” जैसी टिप्पणी कर चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा है। ऐसे में एलन मस्क की पोस्ट के बहाने रिजिजू का जवाब सीधे तौर पर राहुल गांधी की लगातार की जा रही आलोचनाओं से जुड़ता नजर आ रहा है।
बजट पर राहुल गांधी का हमला
केंद्रीय बजट के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि बजट में देश की प्रमुख आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, कमजोर होता विनिर्माण क्षेत्र, निवेशकों द्वारा पूंजी निकासी, घरेलू बचत में कमी और किसानों की समस्याओं जैसे गंभीर मुद्दों को बजट में शामिल नहीं किया गया।
बजट को सरकार ने बताया भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया। सरकार की ओर से इसे सुधारों की स्पष्ट रूपरेखा और 21वीं सदी के अगले चरण के लिए भारत का विजन बताया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह दस्तावेज भारत को तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक अहम और मजबूत कदम है।





